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शाबाज़ नदीम ने टीम में चयन ना होने के बाद भी की धोनी की प्रशंसा 

शाबाज़ नदीम ने टीम में चयन ना होने के बाद भी की धोनी की प्रशंसा

शाबाज़ नदीम ने इस साल रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट ली है. नदीम रणजी में झारखण्ड की तरफ से खेलते हैं, इस बार उन्होंने 10 मैचों 56 विकेट लिए, जिसमे उन्होंने 4 बार 5 विकेट हौल्स और 2 बार 10 विकेट लिए है. शाबाज़ नदीम ने इस बार सिर्फ गेंदबाजी से ही नहीं बल्कि बल्लेबाज़ी से भी झारखण्ड टीम को योगदान दिया है.

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भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले वन डे और टी20 मैचों के लिए सबका मानना था, कि सायद रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जड़ेजा को आराम दिया जायेगा. अक्षर पटेल और जयंत यादव भी चोटिल होने की वजह से बाहर रहेंगे, इसलिए ऐसा लग रहा था, कि सायद शाबाज़ नदीम के रणजी प्रदर्शन को देखते हुए इस बार उन्हें भारतीय चयनकर्ता जरुर मौका देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जड़ेजा को आराम नहीं दिया गया, चयनकर्ताओ ने उन्हें वन डे और टी20 दोनों के लिए टीम में शामिल किया है, जिसके चलते 1 बार फिर शाबाज़ नदीम को टीम से बाहर ही रहना पड़ा.

जब उनके चयन ना होने पर उनसे पूछा गया तो शाबाज़ नदीम ने कहा,

“भारतीय टीम से खेलना हर खिलाड़ी का सपना रहता है, मेरा भी यही सपना है, लेकिन ऐसा नहीं है, कि अगर मेरा चयन नहीं हुआ तो मैं दुखी होकर उसी के बारे में सोचता रहूँ. मैं अभी आगे भारतीय टीम में जाने के लिए पूरी कोशिश करूँगा, उसके लिए मुझे निराश होने की नहीं बल्कि और ज्यादा अच्छा खेल दिखने की जरुरत है. अभी आगे भी मेरा फोकस रणजी पर रहेगा और मैं अगली बार और अच्छा करने की कोशिश करूँगा.”

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आगे उन्होंने बताया,  

“इस बार उनकी टीम के कप्तान “वरुण एरोन” टीम के साथ नहीं थे, हर बार झारखण्ड टीम की गेंदबाज़ी का नेतृत्व वही करते थे. इस बार गेंदबाजी का नेतृत्व मुझे करने को मिला और मैंने अपनी टीम की गेंदबाजी में अपना पूरा योगदान दिया.” 

नदीम ने आगे कहा,

“इस बार झारखण्ड टीम के मेंटर महेंद्र सिंह धोनी थे, जिन्होंने मुझे गेंदबाजी के बारे में बहुत कुछ बताया. उन्होंने कहा एक मैच के दौरान मैं फ्लाइट गेंदबाज़ी कर रहा था और मुझे रन पड़ रहे थे, उसके बाद मुझे धोनी ने बताया, कि इस मैदान पर मुझे फ्लैट गेंदबाज़ी करनी चाहिए, मैंने वही किया और मुझे सफलता भी मिली.”

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