पहली तीन गेंद डालने समय काफी नर्वस थे, डेब्यू करने वाले शाहबाज नदीम

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात 

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे रांची टेस्ट में शाहबाज नदीम ने अपना टेस्ट डेब्यू किया। 15 साल से घरेलू क्रिकेट खेल रहे नदीम के नाम 424 प्रथम श्रेणी विकेट थे। उन्हें इस मैच के लिए चोटिल कुलदीप यादव की जगह टीम में शामिल किया गया तो भारत के लिए टेस्ट मैच खेलने वाले 296वें खिलाड़ी भी बन गये।

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात 1

डेब्यू पर बोले

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात 2

2004 से घरेलू क्रिकेट खेल रहे शाहबाज नदीम को इससे पहले पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम में जगह मिली लेकिन डेब्यू का मौका नहीं मिला। अपने टेस्ट डेब्यू के बारे में मैच के तीसरे दिन के खेल के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए उन्होंने कहा

“यह अच्छा लगता है कि मैंने घरेलू सर्किट में जो भी मेहनत की और उनका फल मिला है। खुशी है कि मैंने अपने घरेलू मैदान पर डेब्यू किया है। टेस्ट कैप का क्रिकेटर के लिए एक अलग मूल्य है, खासकर घर पर। कुछ भावनाएं थीं, लेकिन मैंने मैच पर ध्यान केंद्रित किया।”

काफी नर्वस थे

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात 3

शाहबाज नदीम ने खुलासा किया है कि अपनी पहली तीन गेंदें डालने के दौरान वह काफी नर्वस थे। लेकिन चौथी गेंद से सहज हो गये। उन्होंने इस बारे में खुलासा करते हुए कहा

“मैं पहली तीन गेंदों के लिए नर्वस था, लेकिन चौथी गेंद से यह सामान्य लग रहा था। बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में यह गेंद को स्पिन करने के लिए एक अच्छी डिलीवरी थी, इसलिए यह एक विशेष विकेट था। सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलना हमेशा अच्छा लगता है।”

अश्विन और जडेजा ने की मदद

पहली 3 गेंद डालते समय काफी डरे हुए थे शहबाज नदीम, मैच के बाद कही ये बात 4

रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा काफी समय से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और उन्होंने शाहबाज नदीम की काफी मदद की। इसके साथ ही पिच और गेंद के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा

“अश्विन और जडेजा ने अपना अनुभव साझा किया और वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। मैं उन्हें गेंदबाजी करते हुए देखकर सीखने की करता हूं। जब तक गेंद कठिन हार्ड थी तब तक यह टर्न रहा, लेकिन जैसे ही यह नरम हो जाता है यह टर्न बंद कर देता है।”

Related posts