शाकिब-अल-हसन ने विश्व कप 2019 में बांग्लादेश के खराब प्रदर्शन के लिए इस कप्तान

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शाकिब-अल-हसन ने विश्व कप 2019 में बांग्लादेश के खराब प्रदर्शन के लिए इन्हें माना जिम्मेदार 

शाकिब-अल-हसन ने विश्व कप 2019 में बांग्लादेश के खराब प्रदर्शन के लिए इन्हें माना जिम्मेदार

विश्व कप खत्म होने के बाद से अब सबकी नजर 2021 टेस्ट चैंपियनशिप पर है, जिसके लिए एक तरफ एशेज खेली जा रही है, वही दूसरी ओर भारत इस समय वेस्टइंडीज टूर पर है, लेकिन इन सब के बाद भी बाग्लादेश टीम के कुछ खिलाड़ी, अभी भी विश्व कप में ही फंसे हुए हैं. अब शाकिब-अल-हसन ने भी अपने कप्तान के खराब प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

शाकिब-अल-हसन ने मशरफे मुर्तजा पर दिया बयान

शाकिब अल हसन

बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने शुक्रवार, 30 अगस्त को दावा किया कि बाग्लादेश विश्व कप 2019 में काफी आगे जा सकता था, अगर कप्तान मशरफे मुर्तजा ने इस विश्व कप में खराब फॉर्म ना दिखाया होता,तो टीम अंक तालिका में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज से उपर रही थी. इसी के साथ वह टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही.

शाकिब अपने बल्ले और गेंद दोनों के साथ विश्व कप में शानदार फॉर्म में था, क्योंकि वह तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में 606 रन बनाकर 11 विकेट चटकाए थे, जबकि बाकी खिलाड़ी फॉर्म के अहम पड़ाव में पहुंचने में नाकाम रहे थे. कप्तान मुर्तजा का टीम के लिए प्रदर्शन सही नहीं रहा जिसके कारण टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई.

शाकिब के हवाले से एक बंगाली अखबार के हवाले से लिखा गया था,

“मेरा हमेशा से मानना ​​था कि हम बहुत आगे जा सकते हैं, और अगर हम सबकी मदद लें तो शायद हम सेमी तक पहुंच सकें. जब कोई खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर रहा होता है, तो वह टीम के खिलाड़ियों से अधिक और उच्चतम प्रदर्शन के बारे में सोचने लगता है. मुझे लगता है कि यही बात मशरफे भाई के साथ भी हुई. चूंकि कप्तान प्रदर्शन नहीं कर रहे थे, यह बात टीम के लिए समस्या बन गयी थी.”

कप्तानी का नहीं है कोई शौक

शाकिब-अल-हसन

इस बीच, शाकिब-अल-हसन ने टेस्ट मुकाबले में टीम की कप्तानी कर रखी थी, अब वह एक लंबे समय के लिए फिर से टीम की कप्तानी नहीं लेंगे, क्योंकि अब वह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, उनको लगता है कि अब युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

ऑलराउंडर ने समझाया कि,

“मानसिक रूप से मैं उन (नेतृत्व की भूमिका) के लिए तैयार नहीं हूं. लेकिन अभी कही न कही टीम को संभालना होगा, मैं यह जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता क्योंकि अभी मैं अपने खेल पर ज्यादा ध्यान देना चाहता हूँ. मैं चाहता हूं कि नए खिलाड़ी जिम्मेदारी लें. जब तक आप उन्हें जिम्मेदारी नहीं देंगे, आप समझ नहीं पाएंगे कि वे कैसे करेंगे. जब मुझे 22 साल की उम्र में कप्तान बनाया गया, तब मुझे पता था कि मैं कितना अच्छा कप्तान हूं.”

 

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