हर बार DRS के सामने घुटने टेके वाटसन ने

SAGAR MHATRE / 08 September 2015

काफी खिलाडी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी करके रिटायर होते है, और अच्छा भाषण देते है. तो कई खिलाडी शांत अंदाज में रिटायर होते है.

और एक शेन वॉटसन है.

ऐशेज खत्म होने के बाद, वनडे सीरीज के बीच में ही, वॉटसन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया. वे ना ही किसी से बोले, और ना ही कुछ बात की.

माईकल क्लार्क, और क्रिस रोजर्स के बाद रिटायर होने वाले वॉटसन तीसरे खिलाडी है अॉस्ट्रेलिया के.

वॉटसन का बल्लेबाजी औसत 35 से उपर है, तो गेंदबाजी औसत 35 से निचे है. उनको अॉस्ट्रेलिया टेस्ट खिलाडी अॉफ द इयर का अवॉर्ड भी मिला है.

लेकिन खराब फिटनेस और फॉर्म के चलते, वॉटसन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया.

 

वॉटसन अपने करियर में ज्यादा एलबी ही हुए है. वॉटसन 1 से लेकर 7 तक किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करते थे, उनका डीआरएस लेने का रिकॉर्ड काफी खराब है. जब भी वे डीआरएस लेते थे, तब हमेशा वे आउट होते थे.

9 में से सिर्फ 1 बार ही उनको सफलता मिली है. वे 29 बार अपने करियर में एलबीडबल्यू हुए है, जो कि अॉस्ट्रेलिया के लिए एक रिकॉर्ड है.

59 टेस्ट मैचो में वॉटसन ने 3731 रन बनाए, और 75 विकेट लिए. डीआरएस को लेकर उनके उपर काफी जोक भी बने है.

2010 ऐशेज के पर्थ टेस्ट में, वॉटसन दोनों पारियों में एलबी आउट हुए. और दोनों बार उन्होंने डीआरएस लिया, और दोनों बार उनका ये फैसला असफल रहा.

उसके बाद उसी सीरीज के मेलबर्न टेस्ट में भी वॉटसन एलबी आउट हुए. फिर उन्होंने डीआरएस लिया, और फिर उनका ये फैसला असफल रहा.

2013 के ऐशेज सीरीज में वॉटसन के साथ ऐसा तीन बार हुआ. तीन बार वॉटसन एलबी हुए, और तीनों बार उन्होंने डीआरएस लिया, लेकिन तीनों बार ये फैसला उनके खिलाफ गया.

इस साल के ऐशेज में भी वैसा ही हुआ. वॉटसन एलबी हुए, और उन्होंने डीआरएस का इस्तेमाल किया, लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी वे आउट ही हुए.

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