शार्दुल ठाकुर को ब्रिसबेन टेस्ट के बाद मिला नया 'निकनेम', सचिन तेंदुलकर का नाम भी साथ जोड़ा गया 1

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में घूसकर मात दिया. टीम इंडिया ने पहले टेस्ट में मिली हार के बाद दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी की और सीरीज जीतकर 1-1 से बराबरी पर थी, लेकिन जैसे भारत को किसी की नजर लग गई हो. तीसरे टेस्ट से भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि टीम इंडिया को चौथे टेस्ट में बेंच पर बैठे खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा.

भारतीय खिलाड़ी अंतिम टेस्ट में ऐसे खिलाड़ियों के साथ खेलने उतरी जिन्हें देखने के बाद सब यही कह रहे थे, कि ये टीम भारत की A टीम है, ये भारतीय टीम सभी स्टार खिलाड़ियों से सजी ऑस्ट्रेलिया टीम को टक्कर नहीं दे पाएगी, लेकिन भारत ने सभी को गलत साबित किया और अजिंक्य रहाणे के कप्तानी में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया.

शार्दुल और सुंदर ने किया कमाल

शार्दुल ठाकुर को ब्रिसबेन टेस्ट के बाद मिला नया 'निकनेम', सचिन तेंदुलकर का नाम भी साथ जोड़ा गया 2

चौथे टेस्ट की पहली पारी में ही भारतीय टीम लड़खड़ा गई थी, ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 186 रन पर 6 विकेट गंवा दिया था, लेकिन अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे शार्दुल ठाकुर जिन्हें 2018 के बाद टेस्ट खेलने का मौका मिला था. इससे पहले 2018 में शार्दुल ने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था, लेकिन सिर्फ 9 गेंद डालकर ही वो चोटिल होकर बाहर हो गये थे, लेकिन शार्दुल को अपने मौके का इंतजार था और वो उन्हें मिला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौका मिलते ही शार्दुल ने वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 123 रन की साझेदारी करते हुए टीम के स्कोर को 300 के पार पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी. इस पारी में उन्होंने 9 चौके व 2 छक्कों की मदद से 67 रन बनाए थे और भारत की तरफ से पहली पारी में सबसे ज्यादा स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे.

शार्दुल को मिला ये निकनेम

शार्दुल ठाकुर को ब्रिसबेन टेस्ट के बाद मिला नया 'निकनेम', सचिन तेंदुलकर का नाम भी साथ जोड़ा गया 3

शार्दुल ठाकुर का आलराउंडर प्रदर्शन देख भारतीय टीम के फिल्डिंग कोच आर श्रीधर ने बताया है कि शार्दुल ठाकुर की इस पारी के बाद उन्हें एक नया निकनेम दिया गया.

आर श्रीधर ने आर अश्विन के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए बताया कि, शार्दुल के बैटिंग स्किल और खास तौर पर उनके फ्लोलेस ड्राइव और फ्लिक शॉट के लिए उन्हें नया निकनेम दिया गया. हमने उनका नाम ‘शार्दुलकर’ रखा यानी तेंदुलकर के बाद हमारे पास शार्दुलकर थे जो शानदार कवर ड्राइव लगा रहे थे.