अब टी-20 विश्वकप में DRS को लेकर शशांक मनोहर का बड़ा बयान

SAGAR MHATRE / 24 December 2015

बीसीसीआई के प्रेसिडेंट शशांक मनोहर ने कहा कि, जब तक डीआरएस पुरी तरह सहीं नहीं होगा, हम उसका इस्तेमाल नहीं करेंगे. लेकिन हम डीआरएस के खिलाफ नहीं है.

उन्होंने कहा, हम शुरू से इसके खिलाफ नहीं रहे है, लेकिन LBW के खिलाफ हम है. आईसीसी कहती है हम इसका इस्तेमाल पुरी तरह करे या ना करे.

अंपायर जब आउट देते है, तब बाद में तीसरे अंपायर इसके खिलाफ फैसला देते है. लेकिन जब हमने पहले मिटिंग में इसपर बात की थी, तब ये परिणाम निकला था की, ये पुरी तरह सहीं नहीं है.

नागपुर टेस्ट की पिच पर आईसीसी ने फैसला सुनाते हुए उसको खराब घोषित किया है. उसपर मनोहर ने कहा, इसमे चार कैटगिरी होती है, जैसे बेहतरीन पिच, अच्छा पिच, खराब पिच, और खतरनाक पिच. लेकिन ये पिच खराब घोषित की गयी है, जो ठीकठाक है.

उन्होंने कहा, ये पिच ज्यादा खराब नहीं थी, जैसे पिच पर कोई अतिरिक्त उछाल नहीं था, और सिर्फ गेंद ज्यादा घुम रहीं है.

उन्होंने टी ट्वेंटी विश्वकप में नागपुर और धरमशाला को ज्यादा मैच देने पर खुदका और अनुराग ठाकुर का बचाव किया है, और कहा, आईसीसी ने पांच मैदानों के लिए बोला था, लेकिन हमने 8 मैदान तय किए थे. उन्होंने कहा, नागपुर को जरूर ज्यादा मैच मिले है, लेकिन नागपुर में छोटे टीमों के मैच ज्यादा है, और दुसरे शहरों में भी अच्छे मैच हो रहें है.

 

उन्होंने कहा, भारत के मैच, नागपुर, धरमशाला, मोहाली, और बैंगलोर में हो रहे है, और सेमीफाइनल, मुंबई और दिल्ली, और फाइनल कोलकाता में हो रहा है. अगर हम चाहते तो फाइनल भी नागपुर में हो सकता है, क्योंकि इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता 45 हजार है.

उन्होंने भारत और पाकिस्तान सीरीज पर कहा, ये सीरीज फिलहाल मुश्किल है, क्योंकी दोनों देशों के बीच ज्यादा तणाव है. और इस सीरीज पर आगें हम विचार करेंगें.

उन्होंने डे नाईट टेस्ट पर कहा, अॉस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के डे नाईट टेस्ट को अच्छा प्रतिसाद मिला, और हम भी इसपर विचार कर रहे है. अब डे नाईट टेस्ट में दर्शक ज्यादा आएंगे, जिससे क्रिकेट को फायदा होगा.

उन्होंने भारतीय पिचों पर भी कहा, भारतीय हवामान में तेज पिचें बनाना मुश्किल है, लेकिन हम कोशिश कर रहे है, जिससे हमारे बल्लेबाज बाहर जाकर अच्छा करे.

उन्होंने अपने पसंदीदा खिलाडी भी बताए, जो टायगर पतोडी, और गैरी सोबर्स है.

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