शेफाली वर्मा के पास था टूटा बल्ला और फटे ग्लव्ज, ऐसी रहा सफर

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फटे ग्लव्ज, टूटा बल्ला, पिता की जेब में बचे थे केवल 280 रुपये, अब भारत को विश्व कप दिलाएगी ये खिलाड़ी 

फटे ग्लव्ज, टूटा बल्ला, पिता की जेब में बचे थे केवल 280 रुपये, अब भारत को विश्व कप दिलाएगी ये खिलाड़ी

कहते हैं जहां चाह, वहां राह। सामने कितनी भी मुश्किलें खड़ी हो कैसी भी स्थिति हो अगर किसी ने अपने मन में कुछ करने का ठाना है तो कामयाबी जरूर मिलती है। ऐसा ही कुछ हुआ है भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा के साथ… केवल 15 साल की शेफाली वर्मा आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खास सदस्या बन चुकी है।

15 साल की शेफाली वर्मा महिला क्रिकेट का उभरता चेहरा

हरियाणा की रहने वाली शेफाली वर्मा को इसी साल होने वाले महिला टी20 विश्व कप के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह दी गई है। शेफाली ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पिछले ही साल डेब्यू किया जिसके बाद से तो उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से लगातार प्रभावित किया।

फटे ग्लव्ज, टूटा बल्ला, पिता की जेब में बचे थे केवल 280 रुपये, अब भारत को विश्व कप दिलाएगी ये खिलाड़ी 1

अपनी जबरदस्त और आक्रमक बल्लेबाजी शैली के दम पर आखिर में शेफाली का विश्व कप खेलने का भी सपना पूरा होने जा रहा है जो उन्हें आने वाले विश्व कप में मिलेगा। वैसे शेफाली के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में आने का सफर ऐसा ही नहीं रहा है बल्कि ये बहुत ही मुश्किल रहा है।

शेफाली बड़ी मुश्किलों से पार पाकर पहुंची यहां तक

शेफाली वर्मा की यहां तर पहुंचने की डगर इतनी आसान नहीं रही है। उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 24 सितंबर को पिछले साल भारत के लिए डी20 डेब्यू करने के बाद शेफाली ने लगातार प्रभावित किया है और केवल 9 टी20 मैचों में 222 रन बना लिए हैं। उन्होंने इस दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में पचासा जड़ने वाली भी सबसे युवा खिलाड़ी बनी।

शेफाली वर्मा

लेकिन… शेफाली को यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है और परिवार की मुश्किलों के बीच पार पाकर यहां तक पहुंची है। परिवार की आर्थिक हालात शेफाली के यहां तक पहुंचने के लिए काफी नहीं थी।

जब शेफाली के पास फटा ग्लव्ज और था टूटा बल्ला

वहीं फटे-पुराने ग्लव्ज और टूटे बल्ले की याद आज भी शेफाली के जेहन में ताजा है। बात उस दौर की है जब शेफाली के पिता संजीव वर्मा के साथ ठगी हो गई थी। जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से गड़बड़ा गई। इसके बाद तो शेफाली को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा।

फटे ग्लव्ज, टूटा बल्ला, पिता की जेब में बचे थे केवल 280 रुपये, अब भारत को विश्व कप दिलाएगी ये खिलाड़ी 2

यहां अगर हम अमर उजाला की रिपोर्ट्स की माने तो जब शेफाली के पिता से ठगी हुई तो उनके जेब में मात्र 280 रूपये की बचे थे। और उसी वक्त शेफाली के पास किट पूरी तरह से सही नहीं थी। वही फटे ग्लव्ज और बल्ला ऐसा जो टूटने को था। क्रिकेट के जुनून के बाद भी ऐसी स्थिति में शेफाली ने अपने पापा की हालात को जानते हुए एक पैसा नहीं मांगा।

लड़कों के साथ बनी सबसे बड़ी बल्लेबाज, मैन ऑफ द टूर्नामेंट जीतकर बनायी थी पहचान

शेफाली जब मात्र 10 साल की थी तो उनका भाई लड़को के बीच खेलता था लेकिन एक बार वो बीमार हो गया। इसे देखते हुए शेफाली के पिता बेटे की जगह अपनी बेटी को लड़कों के मैच में ले गए। जहां शेफाली ने जबरदस्त बल्लेबाजी की। शेफाली की बल्लेबाजी देख हर कोई हैरान रह गया और वो मैन ऑफ द सीरीज बन बैठी।

फटे ग्लव्ज, टूटा बल्ला, पिता की जेब में बचे थे केवल 280 रुपये, अब भारत को विश्व कप दिलाएगी ये खिलाड़ी 3

इसके बाद तो आज क्या स्थिति है ये पूरा क्रिकेट जगत देख रहा है मात्र 15 साल की उम्र में ही शेफाली महिला क्रिकेट जगत की धुरंधरों के बीच खेलती नजर आएगी जो अब तक अपने करियर में प्रभाव छोड़ चुकी है।

 

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