शोएब अख्तर ने दानिस कनेरिया विवाद को लेकर कहा पाकिस्तान सभी धर्मों को लेकर चलने वाला देश है

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शोएब अख्तर ने कनेरिया विवाद को लेकर कहा पाकिस्तान सभी धर्मों को लेकर चलने वाला देश है 

शोएब अख्तर ने कनेरिया विवाद को लेकर कहा पाकिस्तान सभी धर्मों को लेकर चलने वाला देश है

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने दानिश कनेरिया के संबंध में अपना बयान स्पष्ट करते हुए कहा कि हां मैं मानता हूँ कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि पूर्व लेग स्पिनर पाकिस्तान टीम का हिस्सा हों क्योंकि वह हिन्दू थे. लेकिन कई लोगों ने मेरे इस बयांन को गलत तरह से पेश किया है.

दानिस कनेरिया पर बोले थे शोएब अख्तर

दानिश कनेरिया

आपको बता दें कि हालही में शोएब अख्तर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कनेरिया के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता था. पाकिस्तानी क्रिकेटर कनेरिया के साथ इस वजह से खाना खाने के लिए मना कर देते थे, क्योंकि कनेरिया हिंदू हैं. 39 वर्षीय कनेरिया ने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट मैच खेले हैं और अनिल दलपत के बाद इकलौते ऐसे हिंदू हैं, जिसे पाकिस्तान की ओर से क्रिकेट खेलने का मौका मिला.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने भी कहा-

शोएब अख्तर ने कनेरिया विवाद को लेकर कहा पाकिस्तान सभी धर्मों को लेकर चलने वाला देश है 1

शनिवार को पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक ने कहा कि जब कनेरिया मेरी कप्तानी में खेलते थे तो मैंने ये कभी नहीं सोंचा कि वो हिन्दू हैं या मुस्लिम हैं. मैंने हमेशा ही उनको एक बेहतर खिलाड़ी के रूप में देखा है.

इसी बीच शोएब अख्तर ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा

मैंने देखा है कि लोग मेरे बयान को गलत तरह से लिया गया है, जो पूरी तरह से संदर्भ से बाहर है, “अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो के साथ एक ट्वीट में कहा, जहां उन्होंने कहा कि मैं मानता हूँ कि टीम में 1-2 खिलाड़ियों ने नस्लवादी टिप्पणियां कीं कनेरिया पर, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों द्वारा इसे कभी प्रोत्साहित नहीं किया गया और हम सभी ने इसका कड़ा विरोध किया था.

छोटी सोंच वाले खिलाड़ी हर टीम का हिस्सा हैं

शोएब अख्तर ने कनेरिया विवाद को लेकर कहा पाकिस्तान सभी धर्मों को लेकर चलने वाला देश है 2

मानवता के लिए एक अलिखित अनुबंध है कि हमें हर खिलाड़ी का सम्मान करना चाहिए चाहे वह कोई भी हो. लेकिन कुछ अपवाद हैं जो नस्लवादी टिप्पणियां करते हैं पर ऐसा हर खिलाड़ी नहीं करते हैं. सिर्फ 1-2 खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो अपनी छोटी सोंच को दर्शातें हैं. मेरा ख्याल है हर टीम में ऐसे 1-2 लोग होतें हैं.

यह हमारी संस्कृति नहीं है

हमें, एक समाज के रूप में, यह महसूस करना चाहिए कि इसे अपनी सोंच से निकाल दिया जाना चाहिए. मैं भी तो पाकिस्तान का ही खिलाड़ी हूँ लेकिन मैंने कभी इस तरह की छोटी सोंच का समर्थन नहीं किया है. मैंने ऐसी सोच वाले खिलाड़ियों से कहा था कि अगर आप इस तरह कनेरियाके बारे में बात करेंगे तो मैं आपको उठा कर बाहर फेंक दूंगा, क्योंकि यह हमारी संस्कृति नहीं है.

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