राहुल द्रविड़ या अपने पापा किसकी सलाह मानोगे? शुभमन गिल ने दिया ये जवाब 1

भारतीय क्रिकेट टीम में पिछले कुछ सालों में एक से एक युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पिछले कुछ समय से जिस तरह के युवा खिलाड़ी देखने को मिले हैं, उससे तो भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा भी जबरदस्त हो रही है। इन तमाम युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा का खोजने का काम अगर किसी ने किया है तो वो हैं राहुल द्रविड़…

शुभमन गिल के करियर में द्रविड़ का रहा है खास योगदान

राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट टीम के एक महान क्रिकेटरों में से एक रहे हैं। उनके पास एक जबरदस्त कोचिंग कौशल है और इसी के बूते उन्होंने भारत की अंडर-19 और भारत ए के कोच रहते हुए कई युवा क्रिकेटरों को बनाया है।

राहुल द्रविड़ या अपने पापा किसकी सलाह मानोगे? शुभमन गिल ने दिया ये जवाब 2

जो युवा क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की नजरों से निकले हैं उनमें एक प्रमुख नाम भारत के मौजूदा टेस्ट सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल भी हैं। शुभमन गिल धीरे-धीरे अपने क्रिकेटिंग लेवल को आगे लेते जा रहे हैं। जिनके करियर में राहुल द्रविड़ का बड़ा योगदान रहा है।

गिल ने कहा, राहुल सर कभी नहीं बदलवाते तकनीक

शुभमन गिल ने भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रहे राहुल द्रविड़ के कोचिंग स्टाइल को पूरी तरह से अलग माना है। गिल ने बताया की राहुल द्रविड़ एक बल्लेबाज को सीखाते वक्त किस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्होंने इसके अलावा भी राहुल द्रविड़ को लेकर काफी बातें की।

शुभमन गिल ने कहा कि

“राहुल सर इस तरह के कोच हैं जो किसी खिलाड़ी को तकनीक या खेलने का तरीका बदलने को नहीं कहते। राहुल द्रविड़ दिमाग को मजबूत बनाने की कोशिश करते हैं। वो बताते हैं कि आपको खेल के बारे में कैसे सोचना है और मुश्किल हालात में कैसे अच्छा खेलना है।”

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“राहुल सर की तकनीक गजब की थी लेकिन वो दूसरे किसी बल्लेबाज को तकनीक बदलने के लिए नहीं कहते। वो हमेशा खिलाड़ियों को मानसिक स्थिति मजबूत करने की ही बात कहते हैं।”

पहले किसकी बात सुनेंगे, द्रविड़ या अपने पापा की गिल ने दिया ये जवाब

इससे आगे गिल को एक काल्पनिक सवाल पूछा गया कि जब राहुल द्रविड़ ने आपको कोई सलाह दी है और उसे आपके पापा नहीं करने को कहेंगे तो आप क्या करेंगे, तो गिल ने इस पर कहा कि

“ऐसी स्थिति में मैं दिल की बात सुनूंगा कि मैं क्या करना चाहता हूं। मुझे ये करना चाहिए या नहीं। क्योंकि तब आपका विकेट गिरता है तो आपको ही सबसे ज्यादा दुख होता है।”