तो अपने करियर को लंबा करने के लिए धोनी करने जा रहे हैं आर्मी ट्रेनिंग

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संन्यास नहीं लेने वाले हैं धोनी करियर को बूस्ट देने के लिए फिर ज्वाइन किया भारतीय सेना, होंगे ये फायदे 

संन्यास नहीं लेने वाले हैं धोनी करियर को बूस्ट देने के लिए फिर ज्वाइन किया भारतीय सेना, होंगे ये फायदे

इंग्लैंड एंड वेल्स में खेले गए वर्ल्ड कप 2019 के बाद पूर्व कप्तान और भारतीय टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास पर लगातार बहस जारी है। अब इन सबसे दूर धोनी से जुड़ी खबरें चर्चा का विषय हैं कि वह जल्द ही 2 महीने के लिए आर्मी के साथ ट्रेनिंग करने वाले हैं।

जिसके लिए आर्मी चीफ बिपिन रावत ने धोनी की ट्रेनिंग को मंजूरी दे दी है। धोनी ने वेस्टइंडीज दौरे से छुट्टी लेकर पैराशूट रेजिमेंट बटालियन के साथ ट्रेनिंग करने की ख्वाहिश जताई थी। अब माही कोई ख्वाहिश करें और वह पूरी न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। परिणामस्वरूप उनकी इस ख्वाहिश को मंजूर कर लिया गया है।

धोनी का पहला प्यार है आर्मी

खबरों की मानें तो अब धोनी पैराशूट रेजिमेंट के कमांडोज के साथ समय बिताएंगे और उनके साथ ड्रिल्स में हिस्सा लेंगे। इस बात को जानते ही माही के फैंस यह जरूर जानना चाहेंगे की आखिर वह ये ट्रेनिंग क्यों कर रहे हैं।

इस बात में कोई दोराह नहीं है कि आर्मी के प्रति धोनी का लगाव शुरू से ही रहा है और आर्मी उनका पहला प्यार है। लेकिन आपको बता दें, खुशी के साथ-साथ उन्हें ट्रेनिंग से कई फायदे भी होते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि धोनी को आर्मी ट्रेनिंग से क्या मिलने वाला है?

शारीरिक-मानसिक फायदा

यह तो हर कोई जानता है धोनी अपने क्रिकेट करियर के विकट दौर से गुज़र रहे हैं। यहां तक की कई लोग उनकी धीमी बल्लेबाजी की आलोचनाएं कर रहे हैं। धोनी को आर्मी ट्रेनिंग से मानसिक मजबूती मिलेगी।

जिस तरह की ट्रेनिंग आर्मी में होती है, उससे धोनी ना सिर्फ शारीरिक तौर पर बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होंगे। वैसे इस बात को नाकारा नहीं जा सकता की धोनी की फिजिकल फिटनेस किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं है।

मानसिक दबाव होगा कम

महेंद्र सिंह धोनी को पूरी दुनिया में मिस्टर कूल के नाम से जाना जाता है। उनके सामने कितनी बड़ी मुश्किल क्यों न आ जाए उनके चेहरे की मुस्कुराहट कहीं नहीं जाती। लेकिन पिछले कुछ वक्त में देखने को मिला है की वह मानसिक दबाव में हैं। वर्ल्ड कप में धोनी को अपनी धीमी पारी के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

इतना ही नहीं बल्कि धोनी को संन्यास लेने की खबरें ने भी तूल पकड़ लिया। ऐसे में धोनी क्रिकेट से ब्रेक लेकर आर्मी के साथ ट्रेनिंग करने जा रहे हैं, जिससे उनका ध्यान इन सब चीजों से हटेगा। वह मीडिया, क्रिकेट से दूर रहेंगे, जिसके बाद उनपर बढ़ रहा दबाव जरूर कम होगा और उन्हें मानसिक शांति मिलेगी।

फिटनेस का स्तर होगा और ऊंचा

महेंद्र सिंह धोनी पैराशूट रेजिमेंट बटालियन के साथ ट्रेनिंग करने वाले हैं। आपको बता दें, इस बटालियन के साथ ट्रेनिंग करने के लिए काफी अच्छी फिटनेस की दरकार होती है।

धोनी 38 साल के हैं और इस उम्र में भी उनकी फिटनेस कमाल की है, लेकिन आर्मी के साथ ट्रेनिंग करने से उनकी फिटनेस का स्तर और भी ज्यादा बढ़ जाएगा। जब धोनी फिट महसूस करेंगे तो हो सकता है धोनी अपना क्रिकेट करियर और आगे बढ़ाते हुए भारतीय टीम के लिए खेल सकें।

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