सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम सन् 2000 में बहुत बुरे वक्त से गुजर रही थी, तब टीम मैनेजमेंट ने सौरव गांगुली को टीम की कमान सौंपी। उसके बाद जो हुआ वह भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज किया गया। गांगुली की कप्तानी में भले ही टीम ने एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती लेकिन पूर्व कप्तान ने टीम को तमाम मैच विनर खिलाड़ी दिए, जिन्होंने आगे चलकर भारत के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन किया।

गांगुली की कप्तानी में निकले मैच विनर खिलाड़ी

हरभजन सिंह

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने उस वक्त भारतीय टीम को संभाला, जब टीम मैच फिक्सिंग विवादों में फंसी हुई थी। गांगुली ने उस बुरे वक्त से ना केवल टीम को बाहर निकाला बल्कि विदेशों में जाकर मैच जीतने और विपक्षी टीम को कड़ी टक्कर देना भी शुरु किया। गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे शानदार कप्तानों में गिना जाता है। अब पूर्व कप्तान ने ऑनलाइन लेक्चर अनअकैडमी में अपनी कप्तानी में तैयार किए खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए कहा,

”2011 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम में 7-8 खिलाड़ी ऐसे थे, जिन्होंने मेरे नेतृत्व में करियर शुरू किया। वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, जहीर खान, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा। मुझे लगता है, मेरी विरासत ने कप्तानी को भी पीछे छोड़ दिया। मैंने एक ऐसी टीम छोड़ी, जो देश और विदेशों में मैच जीत सकती है।”

खुशी है धोनी ने जीता खिताब

टीम इंडिया ने 28 साल के लंबे इंतजार के बाद 2011 में आईसीसी विश्व कप में श्रीलंका को हराकर दूसरा एकदिवसीय खिताब जीता। मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में  खेले गए उस मुकाबले को याद करते हुए गांगुली ने कहा,

”मुझे याद है मैं उस रात वानखेड़े स्टेडियम में था। मैं धोनी को देखने के लिए कमेंटरी बॉक्स से बाहर आ गया था। 2003 में जिस टीम की मैं कप्तानी कर रहा था, वह फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। मुझे बेहद खुशी हुई कि धोनी के पास ट्रॉफी जीतने का अवसर था और उन्होंने यह कर दिखाया।”

सौरव गांगुली की कप्तानी में किया डेब्यू

सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने जिन 6 खिलाड़ियों के नाम लिए हैं। उन्होंने गांगुली की कप्तानी में ही क्रिकेट खेलना शुरु किया था। दादा की कप्तानी के लिए कहा जाता है उनके पास जौहरी वाली पारखी नजर थी, जो प्रतिभा को पहचानकर तराशने का काम करती थी। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि एक खिलाड़ी को बनाने में कप्तान का बहुत बड़ा हाथ होता है।

वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, जहीर खान, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा ने जब भारत के लिए डेब्यू किया, तब गांगुली ने उनमें छिपी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें मैच विनर खिलाड़ी बनाया।