इस बात को लेकर सौरव गांगुली पड़े अकेले, विराट-कुंबले सोचते हैं एक जैसा

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इस बात पर अनिल कुंबले और विराट कोहली हुए साथ, अकेले पड़े बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली 

इस बात पर अनिल कुंबले और विराट कोहली हुए साथ, अकेले पड़े बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रहे अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच विवाद ने खासा बखेड़ा खड़ा किया था जिसके बाद अनिल कुंबले को कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा था। लेकिन एक नया मुद्दा है जिसको लेकर विराट कोहली और अनिल कुंबले दोनों ही एक सी सोच रखते हैं।

यहां विराट कोहली और अनिल कुंबले साथ, नहीं रखते गांगुली के विचार से इत्तेफाक

ये मुद्दा है भारत में टेस्ट केन्द्रों का जिसमें विराट कोहली पहले कई बार अपनी प्रतिक्रिया देख चुके हैं और कहा कि भारत के प्रमुख टेस्ट केन्द्रों को ही टेस्ट मैच का आयोजन मिलने से ज्यादा से ज्यादा दर्शक देखे जाएंगे।

इस बात पर अनिल कुंबले और विराट कोहली हुए साथ, अकेले पड़े बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली 1

जैसे इनका मत है कि त्योहार के अनुसार भारत में टेस्ट केन्द्रों को बांटा जाए जिसमें नए साल में कोलकाता में टेस्ट हो तो पौंगल के त्योहार के समय चेन्नई को मेजबानी मिले। यहीं बात अनिल कुंबले भी सोचते हैं।

अनिल कुंबले और विराट कोहली दोनों हैं पांच टेस्ट केन्द्रों के समर्थन में

अनिल कुंबले ने क्रिकेटनेक्स्ट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि” मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने का निश्चित रूप से ये एक तरीका रहा है। इन्हें टेस्ट केन्द्रों तक सीमित किया जाना चाहिए और साथ ही टेस्ट मैच के समय को चुनना भी अहम होता है। हम सभी जानते हैं कि त्योहारों के समय में पोंगल के दौरान टेस्ट मैच चेन्नई में होते थे और सत्र की शुरुआत के समय दिल्ली, और बैंगलुरू में टेस्ट मैच होते थे, मुंबई और कोलकाता में टेस्ट मैच होते थे।”

इस बात पर अनिल कुंबले और विराट कोहली हुए साथ, अकेले पड़े बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली 2

मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए इन केन्द्रों को बढ़ावा देना भी अहम है जिसमें लोगों को पता होगा कि ये टेस्ट केन्द्र हैं। इससे सत्र के शुरू में पता चल जाएगा कि यहां टेस्ट मैच होने हैं ताकि आप टेस्ट के लिए टिकट बेच सको और सुनिश्चित करों कि दर्शक मैच देखने आएं।”

भारत में पिछले कुछ साल में बढ़े हैं टेस्ट केन्द्र

ये तो हमें साफ तौर पर नजर आ रहा है कि पिछले कुछ सालों से बीसीसीआई टेस्ट केन्द्र को लेकर रोटेशन पॉलिसी अपना रही है जिसमें नए–नए मैदानों को टेस्ट मैच की मेजबानी दी जा रही है। जिसमें हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में विशाखापट्टनम, पुणे और रांची में मैच खेले गए थे जो एक समय टेस्ट केन्द्र नहीं हुआ करते थे।

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इसी को लेकर दर्शकों की संख्या कम होने पर विराट कोहली ने अपना सुझाव दिया था कि भारत में भी पांच मुख्य टेस्ट केन्द्रों को चुना जाए। औरर इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया की तरह पांच केन्द्रों पर ही टेस्ट मैच होने चाहिए।

सौरव गांगुली हैं पांच से ज्यादा टेस्ट मैदानों के समर्थन में

बात करें जब दूसरे बड़े टेस्ट देशों की तो ऑस्ट्रेलिया हो या इंग्लैंड यहां पर टेस्ट मैच उनके बड़े टेस्ट केन्द्रों पर ही होते हैं जिसमें वहां के प्रमुख पांच मैदान होते हैं। तो ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड में होता आ रहा है।

इस बात पर अनिल कुंबले और विराट कोहली हुए साथ, अकेले पड़े बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली 4

वहीं बात भारत की जाए तो बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली पांच केन्द्रों टेस्ट मैच सीमित करने के समर्थन में नहीं हैं लेकिन वहीं भारत में अब तक 27 मैदानों में टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। जो विश्व में सबसे ज्यादा है। पिछले कुछ साल में तो भारत में कई नए टेस्ट केन्द्र बने हैं। छोटे शहरों को टेस्ट की मेजबानी मिलने से दर्शकों की तादाद भी घट रही है।

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