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राजकोट टेस्ट : सौरव गांगुली का भारतीय तेज गेंदबाजों को लेकर विवादित बयान, लगाये गम्भीर आरोप 

राजकोट टेस्ट : सौरव गांगुली का भारतीय तेज गेंदबाजों को लेकर विवादित बयान, लगाये गम्भीर आरोप

जैसा कि हम सभी जानते है इस समय भारत और इंग्लैंड के बीच राजकोट में पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला खेला जा रहा हैं. जिसमे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में लाज़वाब 537 रन बनाये.

राजकोट की जिस विकेट पर यह मुकाबले खेल जा रहा हैं. उस पर भारतीय तेज और स्पिन गेंदबाजों ने जिस तरह का लचर प्रदर्शन किया उसको देखकर चारों तरफ से भारतीय गेंदबाजों को बहुत कुछ सुनना पड़ रहा हैं.

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पूर्व भारतीय कप्तान और सलामी बल्लेबाज़ सौरव गांगुली ने भी भारतीयों तेज गेंदबाजों की क्लास लगाई. दरअसल सौरव गांगुली का मनना हैं कि

”टीम इंडिया हमेशा ही अपने स्पिन गेंदबाजों पर निर्भर नहीं रह सकती. ख़ासकर आर. आश्विन पर, क्योंकि अश्विन भी आपको हर टेस्ट मुकाबले की प्रत्येक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट नहीं निकाल के दे सकते और ना ही हर मैच भारतीय टीम के पक्ष में बदल सकते.”

गांगुली ने भारत और इंग्लैंड के मध्य चल रहे राजकोट टेस्ट को लेकर यह बोला.

गांगुली ने कहा कि-

”अश्विन से आप हर बार 5 विकेट की अपेक्षा नहीं कर सकते और ना ही वो हर बार टीम के लिए मैच को मात्र तीन दिनों में ख्त्म नहीं कर सकते. टीम के लिए तेज गेंदबाज़ उमेश यादव, मों.शमी, इशांत  शर्मा जैसे बड़े गेंदबाज को भी टीम के लिए ज्यादा विकेट निकलने होगें. इंग्लैंड ने इतना बड़ा स्कोर इसलिए ही खड़ा कर पाई क्यूँकि हमारे गेंदबाजों ने बिल्कुल भी बढ़िया प्रदर्शन नही किया.”

ईएसपीएन को दिए अपने इंटरव्यू में दादा ने कहा कि-

”पहले दिन की पिच तेज गेंदबाजों के लिए अच्छी थी. तेज गेंदबाजों को पिच के अनुसार खुद को ढालने की जरुरत थी. पिच एकदम बढ़िया थी में इसलिए बार बार कहता हूँ कि हमारे तेज गेंदबाजों को विदेशी पिचों पर खेलने का अभ्यास करना चाहिये.”

हमेशा से ही सीधी बात करने वाले गांगुली ने माना कि-

”यह पिच एकदम वैसी ही थी जैसे कि भारत के साउथ अफ्रीका 2015 और ऑस्ट्रेलिया के 2013 पर भारतीय टीम को मीली थी. कोच कुंबले को उमेश, शमी और इशांत को इस तरह की विकेट के लिए तैयार कर होगा. ताकि सभी तेज गेंदबाज़ कम से कम 3-3 विकेट ले पायें.”

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दादा के अनुसार-

”अगर भारत को पांचो मुकाबलों में इसी तरह की  विकेट मिले तो हमारे तेज गेंदबाज़ मैच के पहले ही दिन तीन तीन विकेट निकल सकते हैं. स्पिनर्स टीम के लगातार अच्छा नहीं कर सकते.”

दादा कहते है-

”अगर विकेट से टर्न मिल रहा हैं तो कप्तान भी स्वयं ही अपने स्पिनर्स को गेंद थमा देंगा और स्पिनर्स भी टीम को जीता सकते है. आप कभी भी यह उम्मीद नहीं कर सकते की आप हमेशा ही मैच 3 दिनों में ख्त्म कर सकते है. आपके पास पुरे 5 दिन होते टेस्ट जीतने के लिए.”

बीते मुकाबलों पर दादा ने काह कि-

”पिछले दिनों भारत में जिस तरह की विकेट बनी वह काफी ख़राब थी. साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहुत ख़राब पिच बने गयी थी. दिल्ली टेस्ट में तो मैच मात्र 3 दिनों में ही ख्त्म हो गया था. आप इस तरह की विकेट नहीं बना सकते टेस्ट मुकाबलों के लिए. मैं भारतीय टीम के हित के लिए सोचता हूँ.”

 

 

 

 

 

 

 

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