साउथैम्पटन

टीम इंडिया को 18 से 22 जून तक ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC Final) के फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करना है. यह मैच इंग्लैंड के साउथैम्पटन (Southampton) शहर के द एजेस बाउल में खेला जाना है. भारतीय टीम के लिए यह ग्राउंड अब तक अच्छा साबित नहीं हुआ है.

साउथैम्पटन (Southampton) में टीम इंडिया ने दो मैच खेले हैं और दोनों में उसे हार झेलनी पड़ी है. इसके अलावा इस काउंटी सीजन में साउथैम्पटन में  जिस तरह के मुकाबले हो रहे हैं, वह भी टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी है.

साउथैम्पटन में इस काउंटी सीजन में टीमों का प्रदर्शन

Southampton

साउथैम्पटन (Southampton) शहर के द एजेस बाउल में इस काउंटी सीजन के पहले मैच में मिडिलसेक्स की टीम सिर्फ 79 रन के स्कोर पर सिमट गई थी. पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान हैम्पशायर की टीम ने 319 रन बनाए थे। जवाब में मिडिलसेक्स की पारी बिखर गई.

हैम्पशायर की ओर से खेलते हुए पाकिस्तान के स्विंग बॉलर मोहम्मद अब्बास ने साउथैम्पटन (Southampton) में 6 विकेट लिए थे. इसके बाद हैम्पशायर ने अपनी दूसरी पारी 290/4 के स्कोर पर घोषित कर दी। मिडिलसेक्स की टीम दूसरी पारी में 281 रन पर ऑलआउट हो गई और मेजबान टीम ने यह मुकाबला 249 रन से जीत लिया.

ऐसा नहीं है कि साउथैम्पटन (Southampton) शहर के द एजेस बाउल ग्राउंड पर सिर्फ विपक्षी टीम को मुश्किल हो रही है. तीसरे मैच में समरसेट के खिलाफ खुद हैम्पशायर की टीम 79 रन पर सिमट गई. इस पारी में भी मीडियम पेसर स्विंग गेंदबाजों का दबदबा रहा. लेविस ग्रेगरी ने 26 रन देकर 4 विकेट लिए। क्रेग ओवर्टन और जॉश डेवी ने 2-2 विकेट लिए। ये दोनों भी मीडियम पेसर हैं.

भारत और न्यूजीलैंड, दोनों के पास शानदार गेंदबाजी आक्रमण

साउथैम्पटन

न्यूजीलैंड की टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है. ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, काइल जेमिसन और नील वैगनर तेज गेंद फेंकने के साथ-साथ स्विंग कराने में भी माहिर हैं. अगर पिच और कंडीशन से उन्हें मदद मिली तो भारत के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. तीनों की गेंदबाजों में लंबे-लंबे स्पेल डालने की क्षमता है

ऐसा नहीं है कि भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण कहीं से कमजोर है. इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज की चौकड़़ी की गिनती इस समय दुनिया के टॉप क्लास तेज गेंदबाजों में होती है. हालांकि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ सीमिंग और स्विंगिंग कंडीशन में खेलने के ज्यादा आदि हैं.

पिच पर निर्भर करेंगी ज़्यादातर चीज़ें

साउथैम्पटन

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे अच्छी बात ये रहेगी कि ये आईसीसी के अंडर में खेला जाने वाला टूर्नामेंट है, लिहाजा पिच को देखते हुए आईसीसी भारत और न्यूजीलैंड में से किसी का भी फेवर नहीं करेगा. ये चीज़ टीम इंडिया के लिए प्लस प्वाइंट हो सकती है. फाइनल मुकाबले के लिए ऐसी पिच तैयार की जाएगी जिससे दोनों टीमों को मदद मिले.

टीम इंडिया के लिए छोटी समस्या यहां आती है कि टीम में मौजूदा वक़्त के ज्यादातर खिलाड़ियों का बल्ला साउथैम्पटन (Southampton) में खामोश रहा है. विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के अलावा यहां सभी भारतीय बल्लेबाजों ने संघर्ष किया है. हालांकि टीम इंडिया में वो दमखम है जिसके दम पर टीम न्यूजीलैंड को हरा सकती है.