भारतीय टीम की 20 साल में 22 लाख से 4 करोड़ से ऊपर पहुंची स्पोंसरशिप की रकम

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भारतीय टीम की 20 साल में 22 लाख से 4 करोड़ से ऊपर पहुंची स्पोंसरशिप की रकम, बायजू को देनी होगी 1 मैच के लिए करोड़ो 

भारतीय टीम की 20 साल में 22 लाख से 4 करोड़ से ऊपर पहुंची स्पोंसरशिप की रकम, बायजू को देनी होगी 1 मैच के लिए करोड़ो

क्या कभी आपने सोचा है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी जर्सी पर जिस भी कंपनी का नाम लिखे रहते हैं, वो भी पांच साल तक 1 ही नाम, बदलते क्यों नहीं हैं. ऐसे कई सवाल आपके दिल में भी उभरते जरुर होंगे. ऐसे में अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता हैं, साथ ही यह भी बताएंगे कि भारतीय टीम की स्पोंसरशिप की रकम अभी कहाँ तक पहुची है, और अब भारतीय टीम की जर्सी में किसका नाम देखने को मिलेगा.

अब भारतीय टीम की जर्सी पर ओप्पो का नाम नज़र नहीं आएगा

भारतीय टीम

वर्ष 2017 से आपने भारतीय टीम की जर्सी पर यानी की उनकी बाहों पर ओप्पो का नाम लिखा देखा होगा, पर अब ऐसा नहीं होगा अब आपको उसकी जगह बायजू  का नाम दिखेगा.

ओप्‍पो ने मार्च 2017 में 1079 करोड़ रुपये में 5 साल के लिए टीम इंडिया की स्‍पॉन्‍सरशिप के अधिकार हासिल किए थे. उसने वीवो को पछाड़ा था जिसने 768 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.

सूत्रों के मुताबिक, बीसीसीआई इसके लिए नए सिरे से कोई नीलामी नहीं प्रक्रिया नहीं शुरू करेगी, बल्कि ओप्पो ने खुद ये राइ्ट्स बायजू को दे दिए हैं.

अब समझें भारतीय टीम के स्पांसर की गणित

भारतीय टीम की 20 साल में 22 लाख से 4 करोड़ से ऊपर पहुंची स्पोंसरशिप की रकम, बायजू को देनी होगी 1 मैच के लिए करोड़ो 1

स्पोंसर वो होते है जो भारतीय टीम के लिए बीसीसीआई को पैसे देते हैं सिर्फ अपना नाम उनकी जर्सी पर लिखवाने के लिए, जिस प्रकार आईपीएल की स्पोंसर वीवो है, ठीक उसी प्रकार भारतीय टीम को भी वर्ष 2017 से ओप्पो स्पोंसर कर रही थी.

अब अगर टीम इंडिया के स्पांसरशिप के गणित और उसके सफर को समझें तो पता चलेगा कि पिछले 20 साल में ये रकम 22 लाख से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच गई है.

यह कंपनी पहले बन चुकी हैं टीम की स्पोंसर

भारतीय टीम की 20 साल में 22 लाख से 4 करोड़ से ऊपर पहुंची स्पोंसरशिप की रकम, बायजू को देनी होगी 1 मैच के लिए करोड़ो 2

वर्ष 1999 से 2000 तक भारतीय क्रिकेट टीम का स्पांसर आईटीसी लिमिटेड था. तब टेस्ट मैच के लिए 22 लाख रुपये जबकि वनडे मैच के लिए 17.5 लाख रुपये में करार हुआ था.

इसके बाद वर्ष 2000 से 2002 तक आईटीसी लिमिटेड ने इस अनुबंध के तहत टेस्ट के लिए 35 लाख जबकि वनडे के लिए 30 लाख रुपये देना मंजूर किया.

इसके बाद वर्ष 2002 से 2009 तक आईटीसी लिमिटेड के बाद टीम का नया स्पांसर सहारा बना. हालांकि इस अवधि के लिए हुए करार की राशि का खुलासा नहीं किया गया. इसकी वजह अनुबंध की कड़ी शर्तें रहीं.

वर्ष 2009 से 2012 तक एक बार फिर सहारा ने भारतीय टीम की बाग़डोर संभाली और  बीसीसीआई को टेस्ट के लिए 1.91 करोड़ और वनडे के लिए 2.09 करोड़ रुपये देना तय किया.

सहारा अकेला ऐसा स्पोंसर है, जिसने तीसरी बार वर्ष 2012 से 2013 तक भारतीय टीम को स्पोंसर किया, इस बार उसने प्रति मैच 3.34 करोड़ रुपये बीसीसीआई को देने का अनुबंध किया.

वर्ष 2014 से 2017 को सहारा ने छोड़ दिया और स्पांसरशिप स्टार समूह को मिली, जिसने बीसीसीआई को 1.92 करोड़ व आईसीसी एवं एशियन क्रिकेट काउंसिल के मैचों के लिए 80 लाख रुपये दिए.

2017 से 2022 तक ओप्पो के साथ का करार ओप्‍पो अभी बीसीसीआई को हर मैच के लिए 4.61 करोड़ रुपये प्रति मैच देती है. वहीं आईसीसी या एशियन क्रिकेट काउंसिल के मैचों में यह रकम 1.56 करोड़ रुपये होती है. यह सबसे बड़ी स्‍पॉन्‍सरशिप रकम है. अब शर्त के अनुसार बायजू को भी यही रकम बीसीसीआई को चुकानी होगी.

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