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टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष पांच सबसे लंबे समय तक जीतने वाली टीमें 

चार महाद्वीपों से क्रिकेट टीमों ने पिछले चार दशकों में अधिकार के साथ टेस्ट क्रिकेट में अपना बोलबाला कायम रखा है. कुछ तो ऐसे हैं जिनमे लगातार बाउंसर से विरोधी बल्लेबाजों को भयभीत करने की क्षमता थी वहीँ दूसरी ओर कई बल्लेबाज़ अपने बढ़िया प्रदर्शन से छाये रहे.यह एक टीम थी जिसे कि ऐसा प्रतिद्वंद्वी कभी नहीं मिला जो उनके साथ प्रतिस्पर्धा कर सकता हो.

आइये देखते हैं एक पंक्ति में टेस्ट मैचों में सबसे अधिक संख्या में जीतने वाले पांच टीमों की सूची.

1. ऑस्ट्रेलिया (16)
स्टीव वॉ की कप्तानी में अजेय ऑस्ट्रेलिया अगले 15 सालों के लिए क्रिकेट की दुनिया पर हावी होने के लिए वेस्ट इंडीज से आगे निकल गया था. 1999 हरारे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की, जिसके बाद 13 जीत अपनी सर जमीन पर और बाकि 3 टेस्ट जीत बाहर हासिल की. टीम में रिकी पोंटिंग , मार्क वॉ , शेन वार्न , जेसन गिलेस्पी , माइकल स्लेटर , इयान पहाड़ी, डेमियन फ्लेमिंग, जस्टिन लैंगर, और ग्लेन मैक्ग्राथ जैसे दिग्गजों को शामिल किया गया था. ऑस्ट्रेलिया ने अपने देश में पाकिस्तान, भारत, वेस्ट इंडीज और न्यूजीलैंड को मात दी थी. अंततः भारत ने ईडन टेस्ट में उनकी जीत का ये सिलसिला तोडा.

2 . ऑस्ट्रेलिया (16)
तीन साल बाद फिर ऑस्ट्रेलिया ने दमदार शुरुवात की. इस बार 2005 में रिकी पोंटिंग की कप्तानी में टीम ने 11 मैच अपनी सर जमीन पर और 5 दूर जीत कर अपना परचम लहराया. ऑस्ट्रली ने इंग्लैंड, भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश पर विजय प्राप्त की थी . और एक बार फिर भारत ने ही ऑस्ट्रली की जीत के सिलसिले पर विराम लगाया. पर्थ में भारत ने 72 रनों से अपनी जीत दर्ज की थी.

3. वेस्ट इंडीज (11)
दिग्गज क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्ट इंडीज ने 11 लगातार टेस्ट जीत दर्ज की थी जो कि 1984 में टेस्ट मैचों के इतिहास में सबसे अधिक थी. यह वो युग था जब क्रिकेटर हेलमेट के बिना बल्लेबाजी करते थे. वेस्टइंडीज के पास प्रतिद्वंद्वी गेंदबाज़ो के आक्रमण को ध्वस्त करने वाले महान खिलाडी थे – जो गॉर्डन ग्रीनिज , डेसमंड हेन्स , लैरी गोम्स , विव रिचर्ड्स , जेफ दुजोन. वहीँ जबरदस्त गेंदबाज माइकल होल्डिंग , रोजर हार्पर, जोएल गार्नर , मैल्कम मार्शल शामिल थे. वेस्ट इंडीज ने दो बार ऑस्ट्रेलिया को और इंग्लैंड को एक बार शिकस्त दी थी.

4. श्रीलंका (9)
सनत जयसूर्या की अगुवाई में श्रीलंकाई क्रिकेट ने 2001-2002 कैलेंडर वर्ष में नौ लगातार टेस्ट जीत कर सुनहरे दौर का अनुभव किया. द्वीप राष्ट्र में मरवण अटापट्टू , कुमार संगकारा , अरविंद डी सिल्वा , तिलकरत्ने दिलशान , महेला जयवर्धने , चमिंडा वास और मुरलीधरन जैसे दिग्गज शामिल थे.श्रीलंका ने कोलंबो में भारत और बांग्लादेश को हराकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना एक वर्ष का वर्चस्व शुरू कर दिया था. इस बीच श्रीलंका ने घर की स्थिति में बांग्लादेश , जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज को भी मात दी थी.

5. दक्षिण अफ्रीका (9)
शॉन पोलक और ग्रीम स्मिथ के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट क्रिकेट 2002- ’03 में अपने वर्चस्व की कहानी लिखी. गैरी कर्स्टन , ग्रीम स्मिथ, हर्शल गिब्स , जैक्स कैलिस , जैक्स रूडोल्फ और नील मैकेंजी की तरह तकनीकी रूप से ध्वनि बल्लेबाजों के साथ ये पूर्ण टीम थी. वहीँ मखाया एंटिनी , आंद्रे नील और पोलक जैसे घातक तेज गेंदबाजों ने साल भर में उनके सामने आये विरोधी बल्लेबाज़ों को ध्वस्त कर दिया. विशाल पारी और 360 रन, जोहांसबर्ग टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया से हरने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने डरबन टेस्ट में दृढ़ता से जवाब दिया और 5 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को हराया. जुलाई, 2003, मैच में बर्मिंघम टेस्ट में इंग्लैंड द्वारा उनकी जीत का ये सिलसिला टूटा.

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