भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों जीत के ट्रेक पर सरपट दौड़ रही है। भारतीय टीम पिछले कुछ समय से जिस अंदाज में एक के बाद एक सीरीज जीत हासिल कर रही है, उससे तो टीम इंडिया का इस समय कोई जवाब नहीं है। भारत की पिछले कुछ सालों की कामयाबी में एक बड़ा रोल दो गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और आर अश्विन का रहा है।

बुमराह-अश्विन आज है टीम के अहम अंग

भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और स्पिन गेंदबाज आर अश्विन का पिछले कुछ सालों में टीम के लिए जो योगदान दिया गया है वो किसी से भी अनजाना नहीं है। इन दोनों ही गेंदबाजों ने कमाल की सफलता हासिल की है।

इन कुछ सालों में भारतीय टीम को घरेलू या विदेशी सरजमीं पर जब भी विकेट की तलाश होती है, कप्तान सीधे ही जसप्रीत बुमराह या आर अश्विन को गेंद थमा देता है और वो इसमें कामयाब भी हो रहे हैं।

सुनील गावस्कर ने अश्विन-बुमराह में बतायी समानता

आज आर अश्विन और जसप्रीत बुमराह का कद काफी बढ़ चुका है, जहां दोनों ही खिलाड़ी टीम का अभिन्न अंग है, तो साथ ही दोनों ने भारत को कई जीत में खास योगदान देने में कोई चूक नहीं रखी। इसी बात को लेकर भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने दोनों गेंदबाजों में समानताएं बतायी हैं।

अश्विन ले सकते हैं अनिल कुंबले से ज्यादा विकेट

सुनील गावस्कर ने सबसे पहले तो आर अश्विन के द्वारा अनिल कुंबले के सबसे ज्यादा विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ने की बात की, तो इसके बाद उन्होंने समानता के बारे में बताया। गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा कि,

“अभी उन्हें काफी दूरी तय करनी है, हम और 160 विकेटों के बारे में बात कर रहे हैं। लेकिन वह ऐसा करने में सक्षम है क्योंकि वह समय के साथ बेहतर होते जा रहे हैं। वह अपनी प्रशंसा के बाद आराम नहीं करता है।”

बुमराह-अश्विन में वैराइटी, विकेट की भूख एक जैसी

सुनील गावस्कर ने आगे कहा कि, “जसप्रीत बुमराह ने अश्विन के बाद टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और वह बिल्कुल अश्विन की तरह ही है। वह हमेशा अपने प्रदर्शन में कुछ जोड़ने की सोचते हैं जैसा अश्विन करते हैं। डेढ साल पहले एक समय था जब अश्विन लेग स्पिन डालने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि वह अपनी गेंदबाजी में वैरायटी लाना चाहते थे।”

“वह एक्सपेरिमेंट से नहीं डरता, इससे कई बार उसे मार भी पड़ती है, लेकिन यह खेल का हिस्सा है। वह कुछ अलग करके बल्लेबाज के दिमाग में डाउट पैदा करता है। वह और बुमराह इस पहलू में समान है। उन दोनों की आक्रामक गेंदबाजी और वह दोनों विकेट लेना चाहते हैं। वह आसान विकेट से ज्यादा खुश नहीं होते।”