वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज के तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन तीनों ही मुकाबलों में टीम इंडिया (Team India) की तरफ से कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के साथ सलामी बल्लेबाजी के तौर पर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को मौका दिया गया था। पहले दो मुकाबलों में भले ही वो कुछ खास कमाल करने में कामयाब नहीं हो पाये थे लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 76 रनों की पारी खेली।

उनकी इस पारी ने उन्हें आईसीसी रैंकिंग में भी बड़ी सफलता दिलाई और वो टी20 रैंकिंग में लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे नंबर पर आ चुके हैं। उनके दूसरे नंबर पर आने से अब बाबर आजम की मुश्किलें बढ़ गयी हैं और उनके सिर से नंबर वन का ताज छीनने का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि, सूर्या नंबर 1 बन पाएंगे या नहीं वो तो उनके प्रदर्शन पर निर्भर करता है लेकिन आज हम आपको उन 2 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जो आईसीसी की टी20 रैंकिंग में नंबर 2 पर तो पहुंचे लेकिन कभी नंबर 1 नहीं बन सके।

केएल राहुल

इस लिस्ट में पहला नाम टीम इंडिया (Team India) के उपकप्तान केएल राहुल (KL Rahul) का है जो इस समय भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। राहुल आईपीएल 2022 के बाद से ही अपनी इंजरी की वजह से टीम से बाहर चल रहे हैं। हालांकि, यह दिग्गज क्रिकेटर जब-जब भारत के लिए खेला है तो एक नए रिकॉर्ड को अंजाम जरूर दिया है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लोकेश राहुल साल जुलाई साल 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में शतक लगाने के बाद आईसीसी की टी20 रैंकिंग में नंबर 2 पर तो आ गए थे लेकिन इसके बाद वो वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जिसके बाद वो रैंकिंग में गिरते चलते गए। उस समय ऑस्ट्रेलिया के एरोन फिंच 900 रेटिंग के साथ पहले पायदान पर थे जबकि केएल राहुल 854 रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर थे।

गौतम गंभीर

इस लिस्ट में दूसरा नाम भारतीय टीम (Team India) के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का है। गौतम को हमेशा ही गंभीर बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था। यह पूर्व खिलाड़ी जितनी देर तक क्रीज पर रहता था, उतनी देर तक विरोधी टीमों के अंदर खौफ का माहौल रहता था। साल 2007 के टी20 विश्व कप में यह खिलाड़ी आईसीसी रैंकिंग में नंबर तीन पर आ चुका था। उस दौरान ग्रीम स्मिथ (647) मैथ्यू हेडन (638) गौतम गंभीर (538) क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर थे।

इसके बाद फ़रवरी 2008 में गंभीर 612 रेटिंग के साथ दूसरे पायदान पर आए। उस दौरान वो पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक़ (657) से 45 पॉइंट दूर थे और अगले 1 साल तक नंबर 2 पर ही रहे। साल 2009 में गंभीर श्रीलंका के खिलाफ एकमात्र टी20 में 13 रन बना सके थे। फिर न्यूजीलैंड दौरे पर 2 टी-20 मैचों में क्रमशः 6 और 10 रन बनाए। इसके बाद वो वर्ल्ड कप 2009 में भी वह कुछ कमाल नहीं कर पाए जिसकी वजह से वह आईसीसी रैंकिंग में नीचे आ गए।