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इतिहास है गवाह, जब भी भारत को करना पड़ा है किसी मैच में हार का सामना इस तरह के गेंदबाज रहे है हर बार कारण

भारतीय टीम अपने बेहतरीन दौर से गुजर थी. दुनिया की किसी भी टीम को भारतीय टीम के पास भारतीय टीम को रोंकने की काट नजर नही आ रही थी. भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम भी भारत को किसी भी स्तर पर चुनौती नही दे पा रही थी. लेकिन दूसरे गुवाहाटी में खेला गया दूसरा टी-20 मुकाबला भारत बुरी तरह हार गया. इस हार का मुख्य कारण बना एक युवा गेंदबाज जिसने अपनी गेंदबाजी से भारतीय टीम को झकझोर कर रख दिया.

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हम बात कर रहे हैं 27 साल के गेंदबाज जेसन बेहरनड्राफ की, जिन्होंने 4 ओवरों में 21 रन देकर 4 विकेट झटके और टीम इंडिया को 118 रनों पर रोक दिया. भारतीय टीम इस बाएँ हाथ के गेंदबाज को बिल्कुल नही समझ पाई.

हालंकि, यदि इतिहास के पन्ने झांके तो पता चलता है, कि भारतीय टीम बाएँ हाथ के गेंदबाजों को पढ़ने में नाकाम हुई है. आज हम बात करेंगे उन बाएँ हाथ के गेंदबाजों की जिनके आगे भारतीय टीम घुटने टेकने पर हुई मजबूर-

मिचेल जॉनसन-

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मिचेल जॉनसन ने साल 2006 में टीम इंडिया के खिलाफ अपना पहला मैच कुआलालंपुर में खेला था. वर्षाबाधित इस मैच में टीम इंडिया ने 8 ओवरों में 35 पर 5 विकेट गंवा दिए थे. इन पांच में से 4 विकेट जॉनसन ने झटके थे. जॉनसन ने 4 ओवरों में 11 रन देकर 4 विकेट झटके थे.

यदि मैच बारिश के कारण न रुकता तो अंजाम कुछ अलग ही होता. उन्होंने भारत के खिलाफ 27 मैचों की 26 पारियों में 26.06 की औसत से 43 विकेट झटके हैं. साल 2006 से 2016 के बीच वह भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा सफल रहे गेंदबाजों में पहले नंबर पर हैं.

लेनोबो सोत्सोबे-

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टीम इंडिया के खिलाफ पहला मैच फरवरी 2010 में अहमदाबाद में खेलने वाले सोत्सोबे ने इस मैच में उन्होंने 58 रन देकर 3 विकेट लिए थे. इसके एक साल बाद टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया. इस दौरे में सोत्सोबे ने कहर बरपा दिया था.

उन्होंने पहले दो मैच में 8 विकेट ले टीम इंडिया की बैटिंग लाइन-अप की कमर ही तोड़ दी. सोत्सोबे ने भारत के खिलाफ 10 मैचों की 9 पारियो में 17.90 के बेहतरीन औसत के साथ 22 विकेट लिए हैं.

मुस्ताफिजुर रहमान-

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भारतीय टीम ने 2015 में बांग्लादेश के हांथो सीरीज हारी थी, इस हार का सबसे बड़ा कारण बांग्लादेश का यह बाएँ हाथ का गेंदबाज था.

मुस्ताफिजुर ने भारत के खिलाफ अपने पहले मैच में ही 5 विकेट झटके और दूसरे मैच में 6 विकेट झटक डाले. उन्होंने 4 मैचों की 4 पारियों में भारत के खिलाफ 15.61 के जादुई औसत से 13 विकेट झटके हैं.

कोरी एंडरसन-

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साल 2014 में न्यूज़ीलैण्ड टीम के भारत दौरे पर आए कोरी एंडरसन ने बेहतरीन गेंदबाजी की. उन्होंने 3 मैचों में 10 विकेट अपने नाम किये थे. उनका आल-ओवर रिकॉर्ड भी भारत के खिलाफ बढ़िया है.

मोहम्मद आमिर-

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पाकिस्तान को चैम्पियन्स ट्रॉफी का विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले मोहम्मद आमिर ने भारत के खिलाफ शानादर रिकॉर्ड के सात गेंदबाजी की है. उन्होंने पिछले दो सालों में टीम इंडिया के खिलाफ 3 मैच खेले हैं, जिनमें 2 वनडे और 2 टी20 शामिल हैं. साल 2016 वर्ल्ड टी20 में उन्होंने 4 ओवरों में 18 रन देकर 3 विकेट झटके थे. इसी तरह चैंपियन्स ट्रॉफी में 16 रन देकर 3 विकेट झटके थे.