भारतीय क्रिकेट टीम के तीन कोच जिन्होंने बदल दिया दी टीम इंडिया की तस्वीर 1

नब्बे के दशक में टीम इंडिया की गिनती एक औसत टीम के तौर पर की जाती थी. बेशक टीम इंडिया (Team India)  ने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीतने के बाद बड़ी उपल्ब्धि हासिल की, लेकिन विदेश में ना जीत पाने का ठप्पा टीम इंडिया (Team India) पर लगा था. कहते हैं वक्त हमेशा बदलता है. साल 2000 के आते ही टीम इंडिया (Team India) का वक्त भी बदल गया.

आज तक टीम इंडिया और भारतीय क्रिकेट की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली है. भारतीय क्रिकेट को सफलता के शिखर पर पहुंचाने का श्रेय उन तीन कोचों को जाता है जिन्होंने अपने मार्गदर्शन में टीम इंडिया (Team India) की काया पलट दी. आज हम अपने इस आर्टिकल में टीम इंडिया के ऐसे ही तीन कोचों के बारे में बताने जा रहे हैं.

1-रवि शास्त्री (Ravi Shastri)

टीम इंडिया

साल 2017 में अनिल कुंबले के जाने के बाद से रवि शास्त्री (Ravi Shastri) लगातार टीम इंडिया (Team India) को अपने मार्गदर्शन में सफलताएं दिला रहे हैं. अपने समय के दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ियों में शुमार होने वाले रवि शास्त्री ने कोच रहते हुए वो बड़े कारनामें किए हैं जो अभी तक बाकी कोच नहीं कर पाए हैं. जिस ऑस्ट्रेलिया की धरती टेस्ट सीरीज जीतना टीम इंडिया (Team India) के लिए सपना हुआ करता था उसे टीम ने रवि शास्त्री के कोच रहते हुए ही सच किया. साल 2018 और साल 2020-2021 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में हराते हुए इतिहास रचा.

रवि शास्त्री (Ravi Shastri) के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उनके पास युवा खिलाड़ियों में जोश भरने की कला है. यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया में सीनियर खिलाड़ियों के बिना ही टीम इंडिया ने सफलता पाई. रवि शास्त्री के कोच रहते ही टीम अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेलने जा रही है.

निदहास ट्रॉफी ,एशिया कप और इंग्लैंड को घरेलू टेस्ट सीरीज में मात देना जैसी कामयाबियां टीम इंडिया को रवि शास्त्री के कोच रहते हुए ही मिली हैं. 2019 विश्व कप में भी भारतीय टीम ने रवि शास्त्री के कोच रहते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था.

2-गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten)

टीम इंडिया

 

गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten) दक्षिण अफ्रीका के एक धाकड़ सलामी बल्लेबाज रहे हैं. टीम इंडिया (Team India) के कोच रहते हुए भी उन्होंने बेहद ही शानदार काम किया है. महेंद्र सिंह धोनी जैसे कप्तान से बेहतरीन तालमेल होने के चलते गैरी कर्स्टन, गैरी कर्स्टन ने टीम इंडिया में आते ही जान फूंक दी. जो टीम इंडिया कभी टेस्ट रैकिंग में टॉस 3 में स्थान बनाने के लिए जूझा करती थी उसे गैरी ने नंबर वन की रैंकिंग में पहुंचा दिया.

गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten) के कोच रहते हुए टीम इंडिया (Team India) को जो सबसे बड़ी कामयाबी मिली वो थी साल 2011 का विश्व कप. 28 साल बाद टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में टी-20 विश्व कप जीता था.

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम का रिकॉर्ड हमेशा खराब रहता था, लेकिन साल 2010 में टीम इंडिया ने गरूरी के कोच रहते हुए डरबन टेस्ट जीता था. टीम इंडिया को विश्व कप जीताने में बड़ा रोल अदा करने वाले गैरी का कार्यकाल बीसीसीआई बढ़ाना चाहती थी मगर उन्होंने सही समय देखते हुए अलविदा लेना ही उचित समझा.

3- जॉन राइट (John Wrigh)

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जॉन राइट (John Wrigh) टीम इंडिया (Team India) के पहले विदेशी कोच थे, जब वो भारतीय टीम के साल 2000-2001 में कोच बने थे तब टीम इंडिया मैच फिक्सिंग का दंश झेल रही थी. ऐसे में टीम इंडिया के तब के कप्तान रहे सौरव गांगुली को साथ मिला जॉन राइट का. दोनों की जोड़ी को आज भी क्रिकेट जगत में याद किया जाता है. जॉन राइट के कार्यकाल में भी टीम इंडिया ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ.

साल 2003 में टीम इंडिया (Team India) ने विश्व कप के फाइनल तक का सफल उनके मार्गदर्शन में किया. इसके अलावा साल 2001 में दिग्गजों के लैस ऑस्ट्रलियाई टीम को उसी के घर पर टेस्ट सीरीज में बराबरी पर रोकना जॉन राइट के कोच रहते हुए ही हुआ था.

साल 2004 में भारतीय टीम ने 14 साल बाद पाकिस्तान का दौरा करते हुए टेस्ट और वनडे सीरीज में जीत दर्ज की थी. इंग्लैंड में साल 2001 में नेटवेस्ट ट्रॉफी से लेकर विदेशी धरती पर टीम इंडिया के जीत का सिलसिला जॉन राइट की कोचिंग में ही शुरू हुआ.