टेस्ट क्रिकेट के वो 5 रिकॉर्ड शायद कभी भी नहीं टूट पायेंगे

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टेस्ट क्रिकेट के वो 5 रिकॉर्ड जो शायद कभी भी नहीं टूट पायेंगे 

टेस्ट क्रिकेट के वो 5 रिकॉर्ड जो शायद कभी भी नहीं टूट पायेंगे
AUCKLAND, NEW ZEALAND - FEBRUARY 07: Brendon McCullum of New Zealand celebrates his 200 run double century during day two of the First Test match between New Zealand and India at Eden Park on February 7, 2014 in Auckland, New Zealand. (Photo by Phil Walter/Getty Images)
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क्रिकेट के खेल की शुरुआत जब हुई थी तब सबसे पहले सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेला जाता था और वो था टेस्ट क्रिकेट फॉर्मेट. जिसको मौजूदा समय में ज्यादातर बल्लेबाज खेलना पसंद नहीं करते हैं. जिसके पीछे की वजह है एक टेस्ट मैच का पांच दिनों तक खेला जाना.अपनी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए कई युवा खिलाड़ी आज के दौर में बहुत ही कम उम्र में इस फॉर्मेट से संन्यास ले रहे हैं, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण पकिस्तान के वहाब रियाज तथा मोहम्मद आमिर हैं.

टेस्ट क्रिकेट के शुरुआती दिनों में टेस्ट मैच 6 तीनों तक खेला जाता था. लेकिन बाद में इसको पांच दिन का कर दिया गया और अब इसे चार दिन का करने पर विचार हो रहा है. अभी भी कई क्रिकेट के दिग्गज 5 दिन के टेस्ट क्रिकेट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. इस टेस्ट क्रिकेट ने बहुत से लाजवाब बल्लेबाज गेंदबाज तथा कप्तान दिए हैं. अब तक टेस्ट क्रिकेट में न जाने कितने रिकॉर्ड बन चुके हैं तथा टूट भी चुके हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी रिकॉर्ड हैं जो कई वर्षों से उसी प्रकार कायम हैं. आज हम आपको टेस्ट क्रिकेट के ऐसे ही 5 अटूट रिकार्ड्स के बारे में बात करेंगे जिनका टूटना लगभग नामुमकिन है.

5) ब्रायन लारा (400*)

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वेस्ट इंडीज के बाएँ हाँथ के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. ब्रायन ने 12 अप्रैल 2004 को इंग्लैंड के खिलाफ एंटीगुआ के मैदान पर 400 रनों का व्यक्तिगत स्कोर बनाकर रिकॉर्ड कायम किया था जो आज भी कायम है.

ब्रायन लारा ने तब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ मैथ्यू हेडन के 380 रनों की पारी को पीछे छोड़ा था और अपने 400 रन पूरा होते ही टीम की पारी समाप्ति की घोषणा कर दी थी. ब्रायन लारा उस टेस्ट में वेस्ट इंडीज़ के कप्तान भी थे. उन्होंने टेस्ट जीतने के ख्याल से पारी समाप्ति की घोषणा की थी, लेकिन इंग्लैंड ये टेस्ट ड्रॉ कराने में कामयाब रहा था.

ब्रायन लारा ने अपनी इस पारी में 582 गेंदों का सामना किया था, जिसमें उन्होंने 43 चौके और चार छक्के लगाए थे. इस ऐतिहासिक पारी के दौरान लारा ने अपना 400वां रन सिंगल से पूरा किया था. ब्र्याँ लारा का यह रिकॉर्ड तोड़ना लगभग नामुमकिन हैं.

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