एकदिवसीय मैच की जगह बदलने के खिलाफ थरूर निकालेंगे कैंडल लाइट मार्च

तिरुवनंतपुरम, 22 मार्च; केरल क्रिकेट संघ (केसीए) द्वारा एक नवंबर को यहां होने वाले वनडे मैच को कोच्चि स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ स्थानीय कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सभी क्रिकेट प्रेमियों से शनिवार को शहीद स्तंभ पर एकत्रित होकर कैंडल लाइट मार्च में शामिल होने की अपील की है। थरुर ने अपने ट्विटर हैंडल के लिए जरिए लोगों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।

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थरुर ने ट्वीट में लिखा है, “क्रिकेट को टीवीएम (तिरुवनंतपुरम) में रखो, कोच्चि के मैदान को बचाओ।”

यह विरोध प्रदर्शन शाम छह बजे आयोजित हो सकता है।

जब से केसीए ने मैच को तिरुवनंतपुरम से कोच्चि स्थानांतरित किया है, तब से बोर्ड के इस फैसले का विरोध हो रहा है।

पिछले साल लगभग तीन दशक बाद केरल की राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय मैच का आयोजन किया गया था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यहां टी-20 मैच खेला गया था।

इस स्टेडियम की सचिन तेंदुलकर और हर्षल भोगले समेत बड़ी संख्या में लोगों ने काफी तारीफ की थी।

कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम ने साल 2014 में एक वनडे मैच की मेजबानी की थी। इसी साल फुटबाल की इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की शुरुआत होने के बाद यह मैदान केरला ब्लास्टर्स का घरेलू मैदान बन गया है।

केसीए के सचिव जयेश जॉर्ज ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मैच का स्थल चुनने का अधिकार है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि कोच्चि का मैदान बाद में फिर से आईएसएल के लिए अपने वास्तविक रूप में आ जाएगा।

कोच्चि स्टेडियम का मालिकाना हक ग्रेटर कोच्चि डेवलपमेंट ऑथोरिटी (जीसीडीए) के पास है जिसका ब्लास्टर्स और केसीए दोनों के साथ करार है और इसे हर अंतर्राष्ट्रीय मैच के लिए केसीए से 25 लाख रुपये मिलते हैं।

इस पर विवाद तब शुरू हुआ जब फुटबाल के दिग्गज पूर्व स्ट्राइकर आई.एम. विजयन और सी.पी. पापाचेन ने कोच्चि स्टेडियम को सिर्फ फुटबाल के लिए सुरक्षित रखने की वकालत की और कहा कि नवंबर में होने वाले क्रिकेट मैच से इस मैदान की स्थिति बिगड़ सकती है।

इस मामले को लेकर जीसीडीए, केसीए और केरला फुटबाल संघ की बैठक हुई थी जिसमें फैसला लिया गया कि इस मामले पर विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी।