श्रीकांत के अनुसार भुवनेश्वर कुमार इस वजह से वर्तमान समय में है दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज

kalpesh kalal / 21 February 2018

भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। भारतीय टीम इन दिनों एक चैंपियन टीम की तरह मैदान में खेल रही है। भारतीय टीम की इस बड़ी कामयाबी में बल्लेबाजों के साथ ही गेंदबाजों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी आक्रमण की धुरी बने हुए भुवनेश्वर कुमार का योगदान भी सबसे खास है। भुवनेश्नर कुमार पिछले कुछ समय से शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं।

भुवी ने पहले टी-20 में की शानदार गेंदबाजी

भुवी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को जॉहानिसबर्ग में खेले गए तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले टी-20 मैच में शानदार गेंदबाजी की। भुवी ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर अपना पंजा जड़ते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। भुवनेश्वर कुमार इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे गेंदबाज बन गए जिन्होंने तीनों ही फॉर्मेट में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है।

भुवी की गेंदबाजी में दो तरह की वैराईटी है जबरदस्त

भुवनेश्वर कुमार के पहले टी-20 मैच में किए गए शानदार प्रदर्शन को लेकर भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने जबरदस्त तारीफ की है। श्रीकांत ने कहा कि

भारतीय टीम की पहले टी-20 मैच के दौरान जीत के आर्टिटेक्ट निःसंदेह भुवनेश्वर कुमार रहे हैं। मैं उनके बारे में क्या पसंद करता हूं तो उसमें तो उनकी दो तरह की गेंदबाजी जो वो पावरप्ले और डेथ ओवर्स में डालते हैं। पिछले टी-20 मैच के स्कोरबोर्ड को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि भुवनेश्वर कुमार को छोड़ दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने सभी गेंदबाजों को रन लिए हैं। जो अभी विश्व क्रिकेट में टी-20 क्रिकेट के सबसे अच्छे डेथ ओवर के गेंदबाज हैं। गेंद के साथ उनका ये प्रयास विरोधी टीम को रोकने के लिए काफी रहा।”

नकल बॉल भुवी को बनाती है सबसे ज्यादा खतरनाक

श्रीकांत ने आगे कहा कि

भुवी को कौन सी चीज घातक बना सकती है, तो उसमें उनके पास उनकी शानदार एक्शन है। वो गेंद को किसी भी तरह के बदलाव के साथ दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं। और साथ ही नकल बॉल करने की उनकी कला और और भी ज्यादा खतरनाक बना देती है। वो कुछ अलग तरह की ही नकल बॉलिंग डालते हैं जो वो सीम के नीचे और क्रॉस सीम के साथ कर सकते हैं। ये सभी वेरिएशन कड़ी मेहनत और परफेक्ट अभ्यास के परिणाम हैं।”