रनआउट देने पर अंपायर को मार दी गोली, तस्वीरे देख ही पता चल जाता है इसकी खौफ की दास्ताँ | Sportzwiki Hindi

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रनआउट देने पर अंपायर को मार दी गोली, तस्वीरे देख ही पता चल जाता है इसकी खौफ की दास्ताँ 

रनआउट देने पर अंपायर को मार दी गोली, तस्वीरे देख ही पता चल जाता है इसकी खौफ की दास्ताँ

अपराध की दुनिया में मशहूर खान मुबारक नामक शख्स अपने खतरनाक कारनामों के बारे में जाना जाता है। खान मुबारक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए, अंग्रेजी से शिक्षा ली थी। पर अपनी रंगदारी स्वभाव और खतरनाक अन्दाज के कारण जल्द ही अपराध की दुनिया में आ गये।

मार दी थी अंपायर को गोली

रनआउट देने पर अंपायर को मार दी गोली, तस्वीरे देख ही पता चल जाता है इसकी खौफ की दास्ताँ 1

जहां पर एक क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े में एक अंपायर पर गोली चला दी थी। जिसके बाद उस शख्स की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपराध के दलदल में पूरी तरह से फँस गया। जेल में वह जब अपनी कारनामों की वजह से अन्दर था। तब वह वहां अपराधियों के सम्पर्क में आ गया।

अंडरवर्ल्ड छोटा राजन के गिरोह में शामिल

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एसटीएफ का उसके अंडरवर्ल्ड में शामिल होने के बारें मे खुलासा किया कि खान मुबारक अपने भाई जफर सुपारी के जरिए अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन के गिरोह में शामिल होने की कोशिश करने लगा। जिसके बाद उसने अंडरवर्ल्ड में शामिल हो गया।

अपराध की दुनिया में है बड़ा नाम

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2006 में इलाहाबाद में डॉक्टरों से रंगदारी मांगने पर उसके खिलाफ जार्जटाउन व सिविल लाइन में मुकदम दर्ज हुआ था। उसके बाद 2007 में जेल से छूटने के बाद उसने अपराथ की दुनिया से अपने पैर पीछे नहीं खीचें। अपने अपराध के कारनामों को जारी रखते हुए इलाहाबाद में एक पोस्ट ऑफिस में लूट को अन्जाम दिया। इस अपराध को अन्जाम देने के कारण उसके साथियों के साथ उसे भी गोली लग गयी और वह घायल हो गया था। पर मौके से भाग निकला, जिसमें उसे पुलिस के हाथों में बचाने में उसके साथी ने अहम भूमिका निभाई।

2007 से2012 तक बिताए जेलों में जिन्दगी

आपको बता दें 2007 से लेकर 2012 तक किए अपराध में वह इलाहाबाद, प्रताबगढ़, वाराणसी और बरेली जैसे जेलों में रहा। 2012 में जमानत के बाद मुबारक अम्बेडकर नगर स्थिच अपने गांव हंसवर में रहने लगा। एसटीएफ के डी़आईजी ने कहा कि जेस से छूटने के बाद मुबारक ने रंगदारी न देने पर ईंट मालिक की हत्या कर दी।

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