मोहम्मद शमी

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर किए गए केस में बड़ी राहत मिली है. हसीन जहां गुजारा भत्ता मुकदमा हार गई हैं. शमी से उनकी पत्नी ने पारिवारिक गुजारा भत्ते के लिए हर महीने 7 लाख रुपए की मांग की थी, जिसे अलीपुर कोर्ट ने खारिज कर दिया है.1

अलीपुर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गुजारा भत्ता के तौर पर प्रतिमाह 7 लाख रुपये की मांग को सिरे से ठुकरा दिया. हालांकि माननीय अदालत ने उनकी लड़की के लिए हर्जाने की मांग को स्वीकार करते हुए शमी से प्रति माह 80,000 रुपये गुजारा भत्ता देने की बात कही.

शमी के वकील ने बताया कि वह तो शुरू से ही हसीन जहां को मासिक भत्ता देने को तैयार थे. मगर जैसे ही हसीन जहां ने दोबारा मॉडलिंग और एक्टिंग करनी शुरू की, शमी ने उन्हें हर्जाना देने से इनकार कर दिया.

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वहीं हसीन की वकील ने कहा कि “वह अपने पेशे को फिर से रिवाइव करने की कोशिश कर रही हैं, हालांकि वह अभी तक शुरू नहीं हुआ है. हसीन जहां अब हाई कोर्ट जाने की सोच रही हैं. इस साल अप्रैल में हसीन ने 10 लाख रुपए प्रति माह मुआवजे की मांग की थी. इसमें परिवार के लिए 7 लाख और बेटी के लिए तीन लाख रुपए थे.”

गौरतलब है कि इसी साल मार्च में हसीन जहां मोहम्मद शमी पर घरेलू हिंसा और विवाह के बाद दूसरी महिलाओं से संबंध रखने की शिकायत दर्ज कराई थी. जहां ने शमी की अन्य महिलाओं के साथ वाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर पर हुई बातों के स्क्रीनशॉट अपने फेसबुक पोस्ट पर साझा किए थे.
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जहां का दावा किया था कि कि शमी और उनके परिवार के सदस्यों ने उनकी हत्या का भी प्रयास किया. उन्होंने कहा कि उनके परिवार में हर किसी ने मुझ पर जुल्म किया. उनकी माता और भाई मुझे अपशब्द कहते थे. यह शोषण सुबह के 2 से 3 बजे तक जारी रहता था. यहां तक कि उन्होंने मुझे मारने की कोशिश भी की.

पत्नी के आरोपों को भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने खारिज किया था. तब उन्होंने कहा था कि यह जितनी भी न्यूज हमारी निजी जिंदगी के बारे में चल रही है, ये सब सरासर झूठ है, ये हमारे खिलाफ बहुत बड़ी साजिश है और यह मुझे बदनाम करने और मेरा गेम खराब करने की कोशिश की जा रही है.

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