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मुझे नंबर-3 पर प्रमोट करने का आइडिया सचिन पाजी का, ग्रेग चैपल का नहीं : इरफान पठान

इरफान पठान जब शुरूआत में आये थे, तो वह अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते थे. शुरूआती 2-3 साल उन्होंने अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी से विश्व क्रिकेट में तहलका मचाया हुआ था. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ कराची में अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी से पहले ही ओवर में हैट्रिक भी हासिल की थी. पाकिस्तान के पूरे दौरे में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर एक बड़ा नाम बना लिया था.

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बल्लेबाजी में ऊपर प्रमोट करने से गेंदबाजी में आई गिरावट

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हालांकि, बीते समय के साथ इरफ़ान पठान की स्विंग और गति दोनों खो गई और वह खराब प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम से ड्राप हो गए थे. अब उनकी हालात इतनी खराब है, कि उन्हें आईपीएल फ्रेंचाइजीयां भी उन्हें खरीद नहीं रही थी.

उनके खराब प्रदर्शन के कारण बड़ौदा टीम ने भी उन्हें ड्राप कर दिया था. जिसके चलते वह पिछले घरेलू सीजन जम्मू कश्मीर चले गए थे और अब वहीं से घरेलू क्रिकेट खेल रहे थे. दरअसल, जब से उन्हें बल्लेबाजी के लिए ऊपर प्रमोट किया गया, तब से उनकी गेंदबाजी की धार खत्म हो गई.

मुझे नंबर-3 पर प्रमोट करने का आइडिया सचिन पाजी का

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इरफान पठान ने रौनक कपूर को दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “मैंने अपने संन्यास के बाद भी कहा था कि मेरा करियर खत्म होने में ग्रेग चैपल का कोई हाथ नहीं था. जहां तक मुझे नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट करने की बात थी. वह आइडिया सचिन पाजी का था.

दरअसल, सचिन पाजी ने राहुल द्रविड़ को मुझे नंबर-3 पर भेजने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि वह (इरफान) छक्के मारने की ताकत रखते हैं, नई गेंद से तेजी से रन बना सकते हैं और तेज गेंदबाजों को भी अच्छी तरह से खेल सकते हैं, इसलिए उन्हें बल्लेबाजी में ऊपर प्रमोट करना चाहिए.”

2012 के बाद से भारतीय टीम में कभी नहीं खेल पाए

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इरफान पठान ने साल 2012 से भारतीय टीम के लिए नहीं खेला. इरफान पठान ने साल 2012 में श्रीलंका के खिलाफ अपने अंतिम वनडे मैच में ‘मैन ऑफ़ द मैच’ का खिताब जीता था. उन्होंने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 29 रन की शानदार पारी खेली थी और

इसके बाद उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए अपने 10 ओवर में 61 रन देकर 5 विकेट हासिल किये थे, लेकिन इस वनडे मैच के बाद से उन्हें भारत के लिए एक भी वनडे खेलने का मौका नहीं मिला है.