राष्ट्रीय चयनकर्ता की जॉब से कई शत्रु बने हैं: संदीप पाटिल

Gautam / 12 September 2016

बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष संदीप पाटिल अपनी जॉब से खुश नहीं है, और उनका कहना है कि चयनकर्ता की जॉब के कारण उन्हें अपने दोस्त गवाने पड़े हैं.

चयनकर्ता बनने का एक दुःख है कि मुझे इसके कारण अपने दोस्त गवाने पड़े हैं.

पाटिल पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं. वह चयनकर्ता समिति के अध्यक्ष चुने गए. उन्होंने कहा कि वह खुश और संतुष्ट है कि उन्होंने अपना कार्यकाल सही तरीके से समाप्त किया हैं.

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संदीप पाटिल ने कहा, कि

भारतीय क्रिकेट के भविष्य के मद्देनज़र हमने कुछ कड़े और बड़े फैसले किए, अपने कार्यकाल के अंत में हमें खुशी है कि टीम तीनों प्रारूपों में काफी अच्छा कर रही है और मैं अगली समिति को शुभकामनाएं देता हूँ.

आगे पाटिल ने कहा

साथ ही हमे यह मौका देने के लिए बीसीसीआई को धन्यवाद. मेरे कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने कुछ शानदार फैसले किये. राहुल द्रविड़ के जूनियर और अनिल कुंबले के सीनियर टीम का कोच बनने के साथ बीसीसीआई ने जो रोडमेप तैयार किया है उससे हम खुश हैं.

प्रेस कांसेफ्रेंस के बाद संदीप पाटिल ने न्यूज़ीलैण्ड के विरुद्ध 3 टेस्ट मैचो की सीरीज के लिए 15 सदस्यों की टीम का ऐलान किया.

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हमारे 4 वर्षो के कार्यकाल के दौरान बीसीसीआई अधिकारी या किसी भी क्षेत्र के ने किसी सिफारिश के साथ चयन समिति से संपर्क नहीं किया

साथ ही हम ऐसे समय में पद छोड़ेगे, जब कई बड़े खिलाड़ी तीनो प्रारूपो में चयन के लिए मौजूद हैं.

संदीप पाटिल ने साथी चयनकर्ता सबा करीम, विक्रम राठौर  के साथ मिलकर टीम चुनी, गगन खोड़ा और एमएसके प्रसाद भी ऑस्ट्रेलिया से विडियो कांफेरंस द्वारा बैठक में शामिल रहे.

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ यह कहना भी नहीं भूले कि भारत दौरे पर आने वाली न्यूज़ीलैण्ड के विरुद्ध भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी.

पाटिल ने कहा

हम घर में हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि न्यूज़ीलैण्ड के विरुद्ध हम अच्छा खेल खेलेगे. उम्मीद है हम एशिया के बाहर भी अच्छा प्रदर्शन करेगे.

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वर्ष 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जल्दबाजी में आयोजित टेस्ट सीरीज के दौरान सचिन तेंदुलकर के संन्यास के प्रशन से किनारा करते हुए पाटिल ने कहा कि बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के बीच कुछ ऐसे मामले होते हैं जो गोपनीय रहने चाहिए और उनका खुलासा नहीं होना चाहिए.