राहुल द्रविड़
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क्रिकेट का खेल बड़ा ही खूबसूरत खेल हैं, इसमें हर कोई खिलाड़ी मैदान में उतरने के बाद अपने नाम पर किसी ना किसी तरह की कामयाबी को साथ लेकर जाना चाहता है तो साथ ही अपने नाम उपलब्धि को हासिल करने की इच्छा रखता है। क्रिकेट के खेल में इंटरनेशनल की बात करें तो कई खिलाड़ियों ने नायाब कीर्तिमान का हासिल किया है।

इन 6 खिलाड़ियों ने ऐसे किया अपने करियर में निस्वार्थ भाव

इस दौरान कई खिलाड़ियों को देखा है जो किसी ना किसी तरह से कोई मुकाम हासिल करने के लिए अपने स्वार्थ को दिखा ही जाते हैं, लेकिन क्रिकेट जगत में कई खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जो निस्वार्थ रहे हैं, जिन्होंने किसी तरह से अपनी टीम का साथी खिलाड़ी का हित देखा।

क्रिकेट इतिहास के 6 निस्वार्थी खिलाड़ी, जिन्होंने हमेशा दूसरों के बारे में सोचा 1

तो आपको ऐसे ही 6 बेहतरीन खिलाड़ी बताते हैं, जिन्होंने अपने करियर के दौरान किसी ना किसी तरह से खासतौर पर निस्वार्थ भाव का उदाहरण पेश किया।

जवागल श्रीनाथ ने ऐसे दिया कुंबले के परफेक्ट-10 में साथ

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन दिग्गज अनिल कुंबले के परफेक्ट-10 को कौन भूल सकता है। अनिल कुंबले ने साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के कोटला मैदान में एक पारी में सभी 10 विकेट हासिल किए। कुंबले टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले जिम लेकर के बाद दूसरे गेंदबाज बने। कुंबले ने पाकिस्तान के सभी 10 खिलाड़ियों को पैवेलियन तो लौटाया।

क्रिकेट इतिहास के 6 निस्वार्थी खिलाड़ी, जिन्होंने हमेशा दूसरों के बारे में सोचा 2

लेकिन इसमें एक बड़ा हाथ जवागल श्रीनाथ ने दिया था। जवागल श्रीनाथ उस दौर में भारत के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज थे। जब कुंबले ने 9 विकेट लेकर 10 विकेट से 1 कदम ही दूर थे, तो जब श्रीनाथ को उस समय गेंदबाजी मिली तो उन्होंने जानबूझकर वाइड ऑफ साइड गेंदबाजी की। ताकि कुंबले आकर 10वां विकेट ले सके। इसे खुद कुंबले ने भी माना।

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