विदेशों की पिचों के ये 5 हीरो जो भारत में रह गए जीरो 

खेल डेस्क, क्रिकेट में एक बेहतरीन बल्लेबाज वही माना जाता है जो अपनी टीम को हर बुरे दौर से बाहर निकाल कर मैच जिताए. यह प्रदर्शन बल्लेबाज को देश की पिचों के साथ साथ विदेश की पिचों पर भी करना होता है तभी उसे एक शानदार और सफल बल्लेबाज माना जाता है. लेकिन क्रिकेट में कई देशों में ऐसे बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अन्य देशों की पिचों पर तो बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है लेकिन भारत में आते हुए वे फेल हो गए. आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ बल्लेबाजों को-

हाशिम अमला

दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला ने तमाम टीमों के खिलाफ उनके देश में जाकर अपनी योग्यता साबित की है. यही वजह है कि वे टीम में लगातार बने हुए हैं. लेकिन हाशिम अमला भारत में खेलते हुए एक तरह से फेल हो जाते हैं. भारत में हाशिम अमला ने कुल 31 टेस्ट मैच खेले हैं. लेकिन इन मैच में उनका औसत बहुत ही ख़राब रहा है. हाशिम ने औसत टेस्ट मैच में भारत की पिचों में भारत के खिलाफ सिर्फ 18 का ही है.

रिकी पोंटिंग

ऑस्ट्रेलिया को कई विश्व कप दिला चुके पूर्व कप्तान व् विश्व के महानतम बल्लेबाजों में से एक रिकी पोंटिंग भारत के खिलाफ भारत की ही पिचों में फेल हो जाया करते थे. भारत में टेस्ट मैचों में रिकी का औसत महज 26.84 का ही रहा है. वहीँ उनका कुल करियर का औसत 51.85 का है.

ग्रीम स्मिथ

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ का पूरा करियर शानदार रहा. उन्होंने कई टीमों के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी और कप्तानी करते हुए अपनी टीम को जीत दर्ज करायी है. लेकिन स्मिथ जब भारत में आकर खेलते थे तो वे ज्यादा सफल नहीं हो सके. स्मिथ ने भारत में कई टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन उनका औसत महज 33 का ही है.

 

ग्रैहम गूच

ग्रैहम गूच इंग्लैंड के उन चुनिन्दा सफल बल्लेबाजों में से एक हैं जो क्रिकेट के सभी प्रारूपों में सफल हुए हैं. चाहे वह टेस्ट की बात हो या वनडे की, ग्रैहम ने बेहतरीन बल्लेबाजी दिखाई है. 1993 में भारत और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच की सीरीज खेली गयी थी जिसमे भारत ने इंग्लैंड को तीन-शून्य से पराजित किया था. गूच ने दो टेस्ट मैच खेले और चार परियों में 17,18, 4 और 8 रन बनाये. वे भारत सहित एशियाई देशों में भी सफल बल्लेबाज नहीं बन सके. 

ब्रायन लारा

वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा क्रिकेट के इतिहास में इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने 400 रन बनाये हैं. हालाँकि लारा भारत में भारत के खिलाफ महज तीन टेस्ट ही अपने पूरे करियर में खेले हैं. इन तीन टेस्ट मैचों में लारा सिर्फ 198 रन ही बना सके थे.

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