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ये क्रिकेटर्स हैं अब तक के सबसे बेहतरीन मध्यक्रम के बल्लेबाज 

ये क्रिकेटर्स हैं अब तक के सबसे बेहतरीन मध्यक्रम के बल्लेबाज

क्रिकेट डेस्क, क्रिकेट में हर बल्‍ल्रेबाज का यूं तो चलना टीम के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन अगर कुछ खिलाड़ी भी अच्‍छा खेल जाएं तो टीम जीत सकती है। ऐसे ही मध्‍यक्रम बल्‍लेबाजों का टिक कर खेलते हुए ज्‍यादा से ज्‍यादा रन बनाना बहुत ही आवश्‍यक होता है।

अक्सर भारत के सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और लक्ष्‍मण को मध्‍यक्रम की सबसे बढि़या त्रिमूर्ती कहा जाता था और अब तक के सबसे बढि़या मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाजों में इनकी गिनती भी होती रही है। लेकिन इनसे भी बढि़या मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाज 1950-60 तक खेलने वाले वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ी थे। ये तीन खिलाड़ी थ्री डब्ल्यू थे यानि क्लाइड वॉलकट, ईवर्टन वीकेस और फ्रेंक वॉरेल। इनका थ्री डब्ल्यू नाम इनके सरनेम के डब्ल्यू से शुरू होने की वजह से पड़ा था।

वेस्टइंडीज के ये तीनों खिलाड़ी बारबोडास के थे। इनके आते ही वेस्टइंडीज टीम की काया पलट हो गई। ये तीनों मध्‍यक्रम में क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आते थे। इनके आने के पहले वेस्टइंडीज टीम की मध्यक्रम बल्लेबाजी की औसत 29.38 थी जो उस समय ऑस्ट्रेलिया 35.42 और इंग्लैंड 35.57 से काफी कम थी।

इसके बाद तीनों के आने से वेस्टइंडीज की बल्‍लेबाजी काफी सुधर गई और अगले 10 सालों में 1948 से 1958 तक वेस्टइंडीज के मध्यक्रम की बल्लेबाजी का औसत 63 प्रतिशत बढ़ गया। तीनों की वजह से मिडिल ऑर्डर का औसत 47.99 का हो गया जो उस वक्‍त सबसे ज्‍यादा हुआ करता था।

इसके बाद दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलियाई मिडिल ऑर्डर का नाम आता था जिनका औसत 39.15 का था। इस दौरान जितने भी वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने रन बनाए अधिकतर उन्हीं तीनों के बल्लों से बने। इस बात का एक बढ़िया उदाहरण 1955 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया एक टेस्ट मैच है जिसमें पहली पारी में वेस्टइंडीज 357 रनों पर ऑलआउट हो गई थी।

इन 357 रनों में से 272 रन तीनों बल्लेबाजों वॉलकॉट(155), वॉरेल(61) और वीकेस(56) ने बनाए थे। दूसरे टेस्ट मैच में वालकॉट ने एक और शतक जड़ा और पूरी टीम ने कुल 676 रन बनाए। इस दौरान इन तीनों ने मिलकर शानदार 430 रन बनाए थे। इस दौर में वेस्टइंडीज का मिडिल ऑर्डर सबसे बढ़िया माना जाता रहा था।

इन तीनों की शानदार बल्‍लेबाजी का ही असर था कि वेस्टइंडीज ने 49 टेस्ट मैच खेले और इसमें से 17 जीते। इसके साथ ही वेस्टइंडीज को महज 15 मैचों में हार मिली।

इसके कई वर्षों बाद श्रीलंका के जयवर्धने, समरवीरा, संगकारा, और दिलशान ने जरूर उनके इस औसत को चुनौती दी, लेकिन जितने कुल टेस्ट मैच 3 डब्ल्यू ने खेले उतने टेस्ट मैचों में ये चारों उस औसत को छू तक नहीं सका।

अगर हम बात भारत के सचिन, लक्ष्मण, द्रविड़, गांगुली का करें तो इन्‍होंने बढि़या प्रदर्शन जरूर किया। कई लोगों ने इन्‍हें सबसे बढि़या मध्‍यक्रम का बल्‍लेबाज भी माना लेकिन वेस्टइंडीज के डब्ल्यू से ये तीनों पिछड़ गए।

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