तीन कारण जो साबित करते हैं धोनी की वजह से भारत को मिली सेमीफाइनल में हार

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आउट होते ही रो पड़े धोनी, लेकिन उनकी ही ये 3 गलतियाँ बनी रोमांचक मैच में हार की वजह 

आउट होते ही रो पड़े धोनी, लेकिन उनकी ही ये 3 गलतियाँ बनी रोमांचक मैच में हार की वजह

न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में करोड़ो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीदे थी, कि एमएस धोनी अपनी शानदार बल्लेबाजी से भारतीय टीम को मैच जीतायेंगे, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे थे. भारतीय टीम को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों 18 रन से हार का सामना करना पड़ा था.

आज हम आपकों तीन ऐसे कारण बताएंगे, जिनके चलते कहा जा सकता है, कि भारतीय टीम के सेमीफाइनल हार के जिम्मेदार एमएस धोनी है.

कोच-कप्तान से बात करके आना चाहिए था नंबर-4 पर

आउट होते ही रो पड़े धोनी, लेकिन उनकी ही ये 3 गलतियाँ बनी रोमांचक मैच में हार की वजह 1

एमएस धोनी इस मैच में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करने आये थे, जो काफी हैरान करता है. भले ही यह फैसला कप्तान और कोच का हो, लेकिन वह पिछले 15 साल से भारतीय टीम के लिए खेल रहे हैं.

अगर वह चाहते, तो कप्तान और कोच से बात करके खुद को पहले भेजने के लिए बोलते और 2 विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम की जिम्मेदारी लेते.

शायद अगर वह कप्तान और कोच से जल्दी जाने के लिए कहते, तो उन्हें कोहली और शास्त्री कभी मना नहीं करते, लेकिन धोनी ने टीम की जिम्मेदारी लेना सही नहीं समझा और एक तरफ जहां भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज खराब शॉट्स खेलकर अपने विकेट गंवा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ धोनी ड्रेसिंग रूम में ही आराम फरमा रहे थे.

जडेजा पर बना डाला बड़े शॉट का प्रेशर

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इस मैच के दौरान एक समय रविन्द्र जडेजा की शानदार बल्लेबाजी देख ऐसा लगने लगा था, कि भारत इस मैच को जीत सकता है, लेकिन धोनी ने उन पर बड़े शॉट का प्रेशर बना दिया और उन्हें हवा में शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाना पड़ा था.

दरअसल, भारतीय टीम को एक समय 17 गेंदों पर 35 रन की जरुरत थी. लेकिन ट्रेंट बोल्ट की 47.2 ओवर की गेंद पर एमएस धोनी की बड़े शॉट की कोई अप्रोच नहीं दिखी, उन्होने शॉट को हल्के हाथ से खेलते हुए बड़ी मुश्किल से 1 रन हासिल किया.

इसके बाद 47.3 ओवर में भी जडेजा ने भी 1 रन निकाला, अब भारत को 15 गेंदों पर 33 रन की जरुरत थी, लेकिन तब भी धोनी ने बड़ा शॉट खेलना सही नहीं समझा और 47.4 गेंद पर सिंगल लेकर दूसरी तरफ चले गए, इस गेंद पर भी ख़ास बात यही यही, कि उनके बड़े शॉट की बिल्कुल अप्रोच नहीं थी.

अब टीम को 14 गेंदों पर 32 रन चाहिए थे. ऐसे में जडेजा के पास बड़े शॉट को ट्राई करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं रह गया था. उन्होंने शॉट ट्राई किया और वह आउट हो गए थे, इसलिए कहा जा सकता है, कि रविन्द्र जडेजा का विकेट भी धोनी द्वारा बनाये गए प्रेशर की वजह से ही गया.

जरुरी रन रेट के हिसाब से पूरी पारी में नहीं दिखा खेल

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भले ही एमएस धोनी ने इस मैच में भारतीय टीम के लिए 50 रन बनाये थे, लेकिन उनके यह 50 रन 72 गेंद पर आये थे. एक समय तो वह 69 गेंदों पर 43 रन बनाकर खेल रहे थे.

एक समय भी ऐसा नहीं लगा, कि वह जरुरी रन-रेट के मुताबिक बल्लेबाजी कर रहे हो, वह तो गनीमत रही की, रविन्द्र जडेजा एक तरफ से आक्रमक बल्लेबाजी कर रहे थे, इसलिए भारतीय टीम लक्ष्य के करीब पहुंच गई थी.

लेकिन एमएस धोनी के अप्रोच की बात की जाए, तो वह जीत की कभी दिखी ही नहीं, हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं था, कि जब लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी ने अच्छी अप्रोच नहीं दिखाई हो.

इसी विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने जरुरी रन-रेट को समझते ही नहीं खेला. वहीं साल 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी अपनी अप्रोच के लिए भारतीय दर्शकों ने ही बु कर दिया था. वेस्टइंडीज के खिलाफ 2017 के एक वनडे में भी उन्हें अपनी अप्रोच के लिए काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

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