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इतिहास के पन्नो से: जब भारत ने अपने पहले ही मैच में किया वो कारनाम कि उड़ गये अंग्रेजो के होश

भारतीय क्रिकेट टीम आज सबसे ताकतवर टीम है और दो बार की वन डे विश्व चैम्पियन है. भारतीय टीम ने 1983 और 2011 में विश्वकप अपने नाम किया. लेकिन आखिर भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला कब खेला था? और उसको पहली जीत कब मिली थी. आज 13 तारीख भारतीय क्रिकेट और भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद ऐतिहासिक है. आज ही के दिन भारत ने अपना पहला एकदिवसीय मुकाबला खेला था. और आज के ही दिन भारत ने इंग्लैंड में एतिहासिक जीत दर्ज की थी, लेकिन वो पहला मुकाबला नही था.

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वो पहला यादगार मैच-

इतिहास के पन्नो से: जब भारत ने अपने पहले ही मैच में किया वो कारनाम कि उड़ गये अंग्रेजो के होश 1

 

भारत ने अपना पहला वनडे इंग्लैंड की जमीन में 13 जुलाई 1974 कों खेला था. यह वनडे 55-55 ओवर का मैच था. मेजबान इंग्लैंड हमसे सीनियर था यानि की वो हमसे दो साल पहले वनडे खेल चुका था और जीत भी चूका था. ऐसे में वो हमसे सब तरह से बेहतर स्थिति में था. मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया. भारत की तरफ से पारी की शुरुवात करने उतरे सुनील गावस्कर और सुधीर नायक. सुनील गावस्कर ने 28 रन , नायक ने 18 रन की पारी खेली. इस मैच में कप्तान थे अजीत वाडेकर. भारत के 50 रन पर दो विकेट गिर जाने पर अजीत वाडेकर ने मोर्च संभाला और 82 गेंदों में 67 रनों की बेहतरीन पारी खेली. साथ में थे विकेट कीपर फारुख इंजीनियर उन्होंने 32 रनों का योगदान दिया. अंत में ब्रजेश पटेल ने 78 गेंदों में 82 रनों की तेज तर्रार पारी खेल कर टीम कों अच्छी स्थिति में पहुंचाया. इस तरह भारत ने 53.5 ओवर में सभी विकेट गवां कर 265 रन बनाए. पहले मैच के हिसाब से यह स्कोर कहीं से भी बुरा नही कहा जा सकता.

अब बारी अंग्रेजों की बैटिंग की-

इतिहास के पन्नो से: जब भारत ने अपने पहले ही मैच में किया वो कारनाम कि उड़ गये अंग्रेजो के होश 2

अंग्रेजो की तरफ से ओपनिंग करने उतरे डेनिस अमिस और डेविड लायड. इंग्लैंड ने अपना पहला विकेट 37 रन के स्कोर पर गवां दिया. बल्लेबाज डेनिस अमिस 20 रन के स्कोर पर आउट हो गये. इस तरह भारत की तरफ से पहला विकेट लेने वाले गेंदबाज एकनाथ सोलकर बने. भारत ने पहला विकेट जल्दी निकलकर जीतने का रास्ता दिखा दिया. लेकिन इसके बाद डेविड लायड 34, जॉन एड्रीच 90, और टोनी ग्रेग ने 40 रन की शानदार पारियाँ खेलकर इंग्लैंड को जीत दिला दी. भारत की ओर से बिशन सिंह बेदी और एकनाथ सोलकर ने 2-2 विकेट लिए, वहीँ मदनलाल और श्रीनिवासन वेंकेटराघवन ने  ने 1-1 विकेट लिया. इस तरह भारत अपना पहला मुकाबला 4 विकेट से हार गया. भारत अपना दूसरा मुकाबला भी हार गया. यह मुकाबला भारत 6 विकेट से हार गया. यह दो मैचों की सीरीज थी जिसे इंग्लैंड ने क्लीन स्वीप किया.

पहली जीत और आज की तारीख-

इतिहास के पन्नो से: जब भारत ने अपने पहले ही मैच में किया वो कारनाम कि उड़ गये अंग्रेजो के होश 3

भारत ने अपना पहला मुकाबला वही जीता जहां वह अपना पहला मुकाबला हारा था, यानि कि हेडिंग्ले के मैदान में. भारत कों इस जीत के लिए एक साल का इन्तजार करना पड़ा. लेकिन उसने यह मुकाबला विश्वकप के अपने पहले मुकाबले में जीता. ईस्ट अफ्रीका कों हरा कर भारत ने अपनी जीत का खाता खोला. और जीत भी बेहद धमाकेदार, ईस्ट अफ्रीका कों 120 रनों में समेत कर भारत ने 10 विकेट से मैच जीता. इस मैच में सुनील गावस्कर ने 65 रन व फारुख इंजीनयर ने 54 रन की पारी खेली. भारत की ओर से मदन लाल ने 15 रन देकर 3 विकेट झटके.

आज के ही दिन भारत ने सन 2002 में इंग्लैंड को हरा कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.