सचिन की किताब “प्लेइंग इट माई वे” की मुख्य 10 बाते

सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को मुंबई में एक भव्य समारोह में प्लेइंग इट माई वे अपनी आत्मकथा को लांच किया जानिए उस किताब की मुख्य 10 बाते

सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को मुंबई में एक भव्य समारोह में प्लेइंग इट माई वे” अपनी आत्मकथा का शुभारंभ किया। बहुत प्रत्याशित किताब आज से बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगी । किताब यह कुख्यात ग्रेग चैपल और हरभजन साइमंड विवाद के बारे में उजागर करती है।

यहाँ उनके मुख्य 10 बाते

  1.          “बीसीसीआई से मुझे कोई भी फोन नहीं आया था जब मुझे कप्तानी से हटा दिया गया और यह बात मुझे मीडिया से पता चली। यह बात सुनकर मैंने बहुत अपमानित महसूस किया।”
  2.          “मैंने अपने आप से कहा बीसीसीआई के दिग्गज मुझ सेकप्तानीले सकतेहै, लेकिनक्रिकेट को मुझसेदूर नहींकर सकते।”
  3.          “मैं बहुत स्पष्ट रूप से  कहना चाहता हूँ की एंड्रयू साइमंड लगातार भज्जी (हरभजनसिंह) को भड़काने की कोशिश कर रहा था और जिस तरह से उनके बिच तनाव था विवाद होना संभव था।”
  4.          “मै यह मानता हूँ की अगर ऑस्ट्रेलिया कप्तान रिकी पोंटिंग अनिल कुंबले से  (हरभजन और एंड्रयू साइमंड) घटना की चर्चा कर लेते तो बात इतनी नहीं बढती।”
  5.          “कपिलदेव (भारत के कोच के रूप में) की विधि और उनके विचार प्रक्रिया कप्तान तक ही सीमित थे, और उन्होंने अपने आप को किसी भी रणनीतिक चर्चाओं में खुद को शामिल नहीं किया।”
  6.          ” विश्व कप के एक महीने पहले, (तब भारत के कोच) ग्रेग चैपल घर पर मुझे देखने के लिए आये थे और उन्होंने मुझे राहुल द्रविड़ से कप्तानी वापस लेने का सुझाव दिया।”
  7.          “मुझे हार से नफरत है और टीम के कप्तान के रूप में मेरा काफी ख़राब प्रदर्शन था और इसके लिए मैंने खुद को जिम्मेदार महसूस किया। अधिक चिंता की बात यह मुझे समझ नहीं आ रहा रहा था की मै कैसे इसको सही करू क्यूंकि मैं पहले से अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन देने की कोशिश कर रहा था।”
  8.        “भारत की हार मुझे बुरी तरह चोट पहुंचा रही थी। मुझे इनसे उभरने में एक लंबा समय लगा। एक बार मेरे मन में क्रिकेट को छोड़ने का ख्याल भी आने लगा था क्यूंकि कुछ भी मेरे पक्ष में नहीं था।”
  9.        “सिडनी टेस्ट 2008, मुझे पूरा विश्वास था की वो मैच हम जीत सकते थे लेकिन अंपायर के कुछ गलत निर्णय के वजह से मैच ड्रा रहा। “

  “2007 में इयान चैपल ने कहा था की तेंदुलकर को आएने में देखना चाहयिए और सोचना चाहयिए की क्या मै अभी क्रिकेट खेलने लायक हूँ । 2008 मै सचिन ने उसका जवाब दिया जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सबसे श्रृंखला में सर्वश्रेठ प्रदर्शन किया और श्रृंखला के सर्वश्रेठ ख़िलाड़ी बने थे।”

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