3 क्रिकेट अंपायर जिन्हें भारतीय फैंस देखना भी पसंद नहीं करते

Manika Paliwal / 08 November 2018

क्रिकेट के मैदान में अम्पायर का निर्णय सबसे ऊपर माना जाता हैं। उन्हें कुछ की सेकंड में अपना निर्णय लेना होता हैं। ऐसी स्थिति में कई बार फैसले बल्लेबाज के खिलाफ भी हो जाते हैं।

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क्रिकेट के मैदान में अम्पायर का निर्णय सबसे ऊपर माना जाता हैं। उन्हें कुछ की सेकंड में अपना निर्णय लेना होता हैं। ऐसी स्थिति में कई बार फैसले बल्लेबाज के खिलाफ भी हो जाते हैं। ऐसे में अम्पायर की काफी आलोचना भी होती हैं, और उन्हें अगले मैच से हटाने से की भी मांग की जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा कई बार देखने को मिला है। इंडियन टीम के खिलाड़ी ख़राब अम्पायरिंग के बहुत बार शिकार हुए हैं। इनमें कुछ अम्पायर ऐसे भी हैं जो इंडिया के खिलाफ फैसले देते हुए भारतीय दर्शकों के नफरत का शिकार हुए हैं।

अशोका डी सिल्वा


श्री लंका और भारत के मैच के अगर अम्पायर अशोका डी सिल्वा होते थे। तो कम से कम एक निर्णय भारतीय टीम के खिलाफ रहने की आशंका बनी रहती थी। इतना ही नहीं इसके अलावा टीम इंडिया के खिलाड़ी सौरव गांगुली कई बार अशोका डी सिल्वा की अंपायरिंग का शिकार हो चुके हैं। 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंडिया की पहली पारी में गांगुली को मर्विन डिल्लन की गेंद पर पगबाधा आउट दिया गया। उस समय मुख्य अम्पायर अशोका डी सिल्वा थे। इस मैच के दौरान एक चीज़ साफ़ दिखाई दे रही थी कि गेंद गांगुली के बल्ले पर नहीं बल्कि पैड पर लगी थी। अम्पायर के इस निर्णय की उस समय पर काफी ज्यादा आलोचना हुई थी। जिसके बाद गांगुली ने कहा था कि, आधुनिक तकनीक आने के बाद इस खेल में सुधार हो जायेगा।

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