टॉप 5 क्रिकेट कप्तान जिन्होंने पिछले एक दशक में कभी विश्व कप नहीं जीता

Sportzwiki संपादक / 12 September 2015

यहाँ हम बात कर रहे हैं दुनिया भर से उन कप्तानों की जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान टीम के लिए बढ़िया योगदान दिया लेकिन पिछले एक दशक में कोई विश्व कप जीतने में सफल नहीं रहे.

# 5 नासिर हुसैन
अंग्रेजी टीम के एक मजबूत बल्लेबाज व् कप्तान नासिर हुसैन ने वर्ष1999 में एलेक स्टीवर्ट से कप्तानी की बागडोर संभाली थी. नासिर ने अपने तेज़ स्वभाव के साथ अपने पक्ष का नेतृत्व किया. एक निडर और जिद्दी लीडर के रूप में हुसैन ने विश्व क्रिकेट में एक शक्तिशाली ताकत के रूप में अंग्रेजी टीम को आगे बढ़ाया.

# 4 मार्क टेलर
एक शान्त व्यक्तित्व के कप्तान रहे मार्क टेलर ने अपनी अपरंपरागत रणनीति के साथ विरोधियों पर विजय पाई है. मार्क एक विपुल स्लिप फील्डर और एक चतुर कप्तान रहे हैं जोकि टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम की वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं. इन्होने युवा खिलाडियों के साथ टीम को सींचा जोकि आज खेल के दिग्गज बन चुके हैं. उनके शासनकाल के तहत कंगारू टीम ने 1995-1999 तक भारत को छोड़कर सभी घर और दूर टेस्ट श्रृंखला जीती है.

 

# 3 सौरव गांगुली
मैच फिक्सिंग के आरोपों से खेल की प्रतिष्ठा धूमिल हो जाने के बाद, अपने बल पर भारतीय क्रिकेट को पुनर्जीवित करने वाले एक निरंकुश भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी थी. दादा ने विदेश में जीतने के लिए टीम को बखूबी तैयार किया. इनकी कप्तानी में टीम ने कई ऊंचाइयों को छुआ व् विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बुलंद की.

# 2 ग्रीम स्मिथ
दक्षिण अफ्रीका टीम के इस खिलाडी ने 22 की उम्र में कप्तानी संभाली थी. शॉन पोलक ने एक विनाशकारी विश्व कप के बाद खुद कप्तानी छोड़ दी थी जिसके बाद स्मिथ ने कप्तानी की विरासत को संभाल लिया. निपुण कप्तानी के साथ स्मिथ ने कई चौंकाने वाली जीत के लिए दक्षिण अफ्रीका का नेतृत्व किया. अपनी टीम को टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन की स्थिति में पहुँचाने के लिए इनका योगदान किसी से छिपा नहीं है.

# 1 स्टीफन फ्लेमिंग
न्यूज़ीलैंड टीम के पूर्व कप्तान व् सलामी बल्लेबाज स्टीफन फ्लेमिंग की चतुर कप्तानी उनके बल्लेबाज़ी गुर से आगे निकल गयी. वह एक ऐसे कप्तान रहे जिनकी रणनीति व् फील्ड में प्लेसमेंट विरोधियों को रन के लिए संघर्ष करने के लिए छोड़ देती थी. हालाँकि वह गांगुली या ग्रीम स्मिथ की तरह मैच विजेताओं की एक टीम के साथ नहीं थे लेकिन फ्लेमिंग ने अपने चतुर कार्यनीति क्षमताओं के माध्यम से अपने विरोधियों को मात दी. वैसे तो ये शांत किस्म के नेता थे लेकिन अपनी आक्रामक कप्तानी से खेल का रुख बदल कर रख दिया था.

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