रणजी ट्राफी के नाम पर ठगी करने वाले दो कोच गिरफ्तार....

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रणजी क्रिकेटरों का भविष्य खराब करने के आरोपी कोच को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

रणजी क्रिकेटरों का भविष्य खराब करने के आरोपी कोच को पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइमबांच की टीम ने मंगलवार को दो कोचों को धोखाघड़ी के नाम पर गिरफ्तार कर लिया है। यह बताया जा रहा है कि ये दोनों कोच रणजी ट्राफी और अन्य टूर्नामेंटों खिलाड़ियों के साथ धोखाधड़ी करते थे। जिसके कारण इन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

बीसीसीआई की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि एक आरोपी कोच जिसका नाम रवि दलाल हैं वह पीतमपुरा में फ्रेंड्स एकेडमी में काम करता था।  वहीं उसका साथी हरीश जमाल, जो एक स्कूल में पार्ट टाइम कोच है, जिन्हें धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर पुलिस की कस्टडी में भेज दिया गया है।

क्रिकेट मैच

अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई में इंटीग्रिटी मैनेजर अंशुमान उपाध्याय ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से शिकायत की थी कि कुछ लोग युवा खिलाड़ियों को रणजी टीम में जगह दिलाने के नाम पर उनके साथ ठगी कर रहे हैं।

फर्जी प्रमाण पत्र के बल पर खिलवाने का करते था वादा

पुलिस ने जब जांच की तो पाया कि दो युवा खिलाड़ी कनिष्क गौर और शिवम के साथ धोखाधड़ी की गई है। रवि दलाल ने कनिष्क गौर से 11 लाख रुपये लेकर उसे गेस्ट प्लेयर के रूप में खिलाने का वादा किया था।

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वहीं फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के बल पर अंडर 19 दूसरे राज्य में स्थानीय खिलाड़ी के तौर पर खिलाने का वादा किया था ।धोखाधड़ी का तो तब पता चला कि जब टीम का नाम एनाउंस हुआ और उन दोनों खिलाड़ी का कहीं नाम ना था।

कोचों पर लगाई गई है विभिन्न प्रकार की धाराएं

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने इन दोनों कोचों पर कड़ी सी कड़ी धाराएं लगाई है। एऩएडीटीवी के अऩुसार इन दोनों कोचो पर 420, 467, 468, 471 और धारा 120 बी जैसी धाराएं लगाई गयी है।ये धाराएं उन पर युवा खिलाड़ियों से धोखाधड़ी के नाम पर लगाई गई है।

जांच के दौरान पता चला कि 20 से 30 युवा खिलाड़ी हुए है ठगी का शिकार

पुलिस ने जब जांच की तो पाया की इन आरोपी कोचों ने कम से कम 20 से 30 युवाओं से पैसे लेकर रणजी और राज्य स्तरीय जैसे खेल खिलाने का वादा किया था। जिसके कारण इन दोनों ने खिलाड़ियों से करोड़ों रुपए की चपत लगाई थी।

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ये दोनों कोच खिलाड़ियों से उनकी हैसियत देखकर पैसे मांगते थे। जिनमें से कई खिलाड़ियों को खेलने का मौका भी दे चुके हैं, वहीं कई खिलाड़ी ऐसे से जिनसे पैसे तो लिए गए , लेकिन खेलने का मौका नहीं दिया गया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस नागालैंड समेत अन्य राज्यों के क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य व उनसे संबंध रखने वाले बीसीसीआई के पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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