कुछ समय पहले शाकिब अल हसन का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ था, जिसमे वह स्टंप तोड़ते हुए नजर आ रहे थे. साथ ही अंपायर के साथ बदतमीजी करते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल, ढाका प्रीमियर लीग के एक मुकाबले में बल्लेबाज को नॉटआउट दिए जाने से शाकिब अल हसन इतने ज्यादा नाराज हो गए कि बीच मैदान उन्होंने अपना आपा खो दिया.

शाकिब अल हसन गुस्से से अंपायर की ओर ऐसे बड़े जैसे वो उन्हें मारने जा रहे हों. इसके बाद शाकिब ने तेजी से विकेट पर लात मारी और अंपयार को डराने की कोशिश की.

शाकिब और महमूदुल्लाह की वजह से अंपायर ने दिया इस्तीफा

शाकिब अल हसन के बाद ढाका प्रीमियर लीग में महमूदुल्लाह ने भी अंपायर के साथ शर्मनाक हरकत की, गाजी टैंक क्रिकेटर्स के कप्तान महमूदुल्लाह प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के खिलाफ एक संघर्ष के दौरान एक अपील ठुकरा दिए जाने के बाद जमीन पर लेट गए. महमूदुल्लाह को लेवल-2 का अपराध करने का दोषी पाया गया और 20,000 टका का जुर्माना लगा.

शाकिब और महमूदुल्लाह की इस शर्मनाक हरकत के बाद बांग्लादेश के अंपायर मोनिरुज्जमां ने अंपायर पद छोड़ने का फैसला किया है. अंपायरिंग छोड़ने के अपने फैसले का खुलासा करते हुए, मोनिरुज्जमां ने कहा कि वह अपने स्वाभिमान को बरकरार रखना चाहते हैं और ऐसे खिलाड़ियों के लिए अंपायरिंग नही करना चाहते हैं.

मैं अब और अंपायरिंग नहीं करना चाहता

क्रिकबज के साथ एक इंटरव्यू में, मोनिरुज्जमां ने कहा, “अंपायरों के साथ खिलाड़ियों द्वारा इस तरह से बेशर्मी से व्यवहार नहीं किया जा सकता है. मेरे लिए बहुत हो गया और मैं अब और अंपायरिंग नहीं करना चाहता. अंपायर गलतियां कर सकते हैं लेकिन अगर हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, तो अब ऐसा करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मैं इसमें सिर्फ पैसे के लिए नहीं हूं.

शाकिब और महमूदुल्लाह के व्यवहार से स्तब्ध हूं

बांग्लादेश के आईसीसी इमर्जिंग पैनल का हिस्सा रहे मोनिरुज्जमां ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “मैं  शाकिब अल हसन और महमूदुल्लाह के व्यवहार से स्तब्ध हूं. मैं शाकिब के खेल में शामिल नहीं था. जिस तरह से उसने व्यवहार किया वह मेरे लिए पचाने में बहुत कठिन था. महमूदुल्लाह मैच में, मैं टीवी अंपायर था और उस वाकये को करीब से देख रहा था. इसने मुझे स्तब्ध कर दिया और उस समय, मैंने फैसला किया कि मुझे अब  अंपायरिंग जारी नहीं रखनी चाहिए.”

मोनिरुज्जमां की एक निजी कंपनी में नौकरी थी और क्रिकेट के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने अंपायरिंग का काम संभाला. हालांकि, ढाका प्रीमियर लीग के हालिया घटनाक्रम ने उनका अंपायरिंग से मोहभंग कर दिया है. इस बात को लेकर उन्होंने कहा, “मैं बीसीबी का कर्मचारी नहीं हूं और अंपायरों को बोर्ड से मिलने वाले पैसे को देखते हुए, मैं इसे नहीं ले सकता. मैं इसे खेल के लिए प्यार से कर रहा था क्योंकि मुझे सिर्फ मैच फीस मिलती थी. भले ही अब तक मेरे साथ अब तक कुछ ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन कौन जानता है कि अगले गेम में मुझे अपमान का सामना करना पड़ सकता है.”

vineetarya

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