ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा की कैथोलिक मंगेतर ने इस्लाम धर्म को लेकर कही ये बड़ी बात

kalpesh kalal / 18 March 2018

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पहले मुस्लिम खिलाड़ी हैं। उस्मान ख्वाजा से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम में कभी भी मुस्लिम खिलाड़ी ने शिरकत नहीं की है। उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया की टीम में मौजूदा समय में अहम हिस्सा बन गए हैं ।

उस्मान ख्वाजा अगले महीनें करेंगे शादी

ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर के प्रतिभाशाली बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया की ही एक कैथोलिक लड़की रेचल मैक्लेलन से लंबे समय से डेट करने के बाद आखिरकार अगले महीनें शादी करने जा रहे हैं। उस्मान ख्वाजा ने रेचल मैक्लेलन के साथ सगाई कर ली है और अब शादी के बंधन में बंधने वाले हैं।

उस्मान की मंगेतर रेचल ने इस्लाम धर्म को लेकर बतायी अपनी धारणा

शादी के बंधन में बंधने से पहले उस्मान ख्वाजा की मंगेतर रेचल मैक्लेलन ने इस्लाम धर्म को लेकर बड़ी बात बोली है। रेचल मैक्लेलन या उस्मान ख्वाजा दोनों में से किसी ने भी कभी अपने बीच के रिश्तें की बात को सोशल मीडिया पर नहीं कबूला है। लेकिन पहली बार रेचल, उस्मान को लेकर ऑस्ट्रेलिया के एक रियलिटी शो 60 मिनट में बोली हैं।

इस्लाम धर्म को लेकर न्यूज पर चली बातों को ही हमेशा माना

रेचल ने इस शो में साफ तौर पर माना कि पहले तो उनकी इस्लाम धर्म को लेकर गलत धारणा हुआ करती थी, लेकिन जब से उस्मान ख्वाजा से मुलाकात हुई तब से ये धारणा बदल गई है।

रेचल ने कहा कि

उस्सी (उस्मान ख्वाजा) पहले ऐसे मुस्लिम थे, जिनसे मैं मिली थी। मैं उस्सी के आसपास के माहौल से बहुत अज्ञानी थी जिसे में अब स्वीकार करती हूं। मैंने केवल उन बातों को सुना जो न्यूज में सुनने और देखने को मिलता है। सभी जगह से मैंने यहीं पढ़ा कि आतंकवादी और भयानक एक ही चीज हैं।”

ख्वाजा से मिलने के बाद इस्लाम धर्म के बारे में चला पता

इसके साथ ही आगे रेचल ने कहा कि

“ख्वाजा के प्यार में पड़ने के बाद करीबी के साथ ही मुझे पता चला कि आखिर इस्लाम धर्म क्या है। आपको बता दें कि रेचल मैक्लेलन ने ख्वाजा के साथ सगाई करने बाद अपने धर्म को इस्लाम धर्म में परिवर्तित कर लिया है।”

मुझ पर इस्लाम अपनाने के लिए नहीं बनाया किसी ने दबाव

वहीं रेचल ने इसको लेकर कहा कि

मुझे लगता है कि उससे(ख्वाजा) कोई दबाव नहीं है और ना ही उसके परिवार की ओर से कोई दबाव है। मैं तो सिर्फ इतना जानती हूं कि उसके लिए ये सब महत्वपूर्ण था। सोशल मीडिया पर दूसरे मुसलमानों को लेकर कई बार मुझे नफरत होती है। हम जब दो में से एक तस्वीर को पेश करेंगे तो ये होगा कि ओह वो मुस्लिम नहीं है वो हराम है, आप उससे शादी नहीं कर सकते हैं।”

अगर आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आए तो प्लीज इसे लाइक और शेयर करें।