इस नियम के बाद अब पूरी तरह से बदल जायेंगे भारत में होने वाले वनडे और टी-20 मुकाबले

Gurpreet / 13 March 2018

कूकाबुरा गेंद कि जगह एसजी गेंद का किया जा सकता है इस्तेमाल

भारतीय लोगों का पसंदीदा खेल क्रिकेट है. इसे और बेहतर और मजेदार बनाने के लिए कुछ बदलाव और सुधार करने की उम्मीद जताई जा रही है. आने वाले समय में वनडे और टी-20 मैच कुछ अलग अंदाज में ही नजर आएंगे. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड देश में होने वाले वनडे और टी-20 मैच में कूकाबुरा गेंद की जगह एसजी सफ़ेद गेंद का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. साथ ही घरेलू मैच में अम्पायर के स्तर को भी सुधारने की कोशिश कर रही है.

बीसीसीआइ ने एसजी की सफेद गेंद का इस्तेमाल मुश्ताक अली टी-20 और विजय हजारे ट्रॉफी में इस सत्र में करवाया था. भारत में प्रथम श्रेणी और टेस्ट मैच दोनों ही एसजी गेंद से खेले जाते हैं. जबकि वनडे और टी-20 दोनों ही मुकाबले कूकाबुरा सफेद गेंद से करवाए जाते हैं.

कप्तान कोच सम्मलेन में हुई चर्चा

बीसीसीआइ के अधिकारी ने कहा कि, ‘कई कप्तान और कोचों ने अम्पायर के स्तर को लेकर शिकायत की है. साथ ही इसे गंभीर रूप से लेने कि बात भी कही.

मुंबई में हुए कप्तान-कोच सम्मेलन के दौरान इन दोनों बातों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने जीएम (क्रिकेट ऑपरेशन) सबा करीम के साथ चर्चा की.

साथ ही अधिकारी ने कहा, कि “निर्णय समीक्षा प्रणाली (DRS) को घरेलू टूर्नामेंट में शामिल करने के लिए भी निवेदन किया गया. लोगो की घरेलु टूर्नामेंट के प्रति रुची बढ़ाने के लिए लाइव प्रसारण की भी बात की गयी है.”

दिल्ली जिला संघ रहा गायब 

बीसीसीआइ द्वारा आयोजित कप्तान कोच सम्मेलन से दिल्ली जिला क्रिकेट संघ पुरी तरह से गायब रहा. इस सत्र में दिल्ली की टीम में तीन खिलाड़ी कप्तानी करते देखे गए. ऋषभ पंत, इशांत शर्मा और प्रदीप सांगवान. ऋषभ पंत फिलहाल श्रीलंका दौरे पर हैं पर बाकी दो कप्तान भी इस सम्मलेन में शामिल नहीं हुए.

रणजी में चार की जगह तीन ग्रुप करने का दिया सुझाव

साथ ही वनडे रणजी कप्तानों और कोच ने सम्मेलन के दौरान अपना सुझाव रखा. उनके अनुसार रणजी ट्रॉफी को चार की जगह तीन ग्रुप में करना चाहिए. रणजी टीम के एक कप्तान ने कहा, ‘हमने कार्यक्रम, अम्पायर, तीन ग्रुप सहित कई मुद्दों पर चर्चा की.’

इस सम्मलेन में ज्यादातर राज्यों ने तीन ग्रुप में रणजी ट्राफी कराने पर मंजूरी दी है. साथ ही सभी रणजी मैच के दौरान पिच के स्टार और घरेलू खिलाड़ियों के वेतन में बढोत्तरी को लेकर खुश थे. इस सम्मेलन में मिले सुझावों को अगले सत्र में लागू करने से पहले बीसीसीआइ की तकनीकी समिति चर्चा कर सकती है.