विजय हजारे ट्रॉफी: धोनी ना कर सके कोई बड़ा कमाल, लेकिन इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने दिखाया अपनी प्रतिभा का जौहर | Sportzwiki Hindi

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विजय हजारे ट्रॉफी: धोनी ना कर सके कोई बड़ा कमाल, लेकिन इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने दिखाया अपनी प्रतिभा का जौहर 

विजय हजारे ट्रॉफी: धोनी ना कर सके कोई बड़ा कमाल, लेकिन इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने दिखाया अपनी प्रतिभा का जौहर

ऊपरी क्रम की शानदार बल्लेबाजी और फिर प्रज्ञान ओझा की (71-5) की फिरकी के दम पर बंगाल ने शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मैच में झारखंड को 41 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फिरोज शाह कोटला मैदान पर बंगाल ने बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर मैन ऑफ द मैच श्रीवत्स गोस्वामी (101), अभिमन्यु ईश्वरन (101) की शतकीय पारियों के बाद अंतिम ओवरों में कप्तान मनोज तिवारी के धुआंधार 49 गेंदों में 75 रनों के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट खोकर 329 रन बनाए थे। झारखंड की टीम पूरे ओवर खेलने के बाद 288 रनों पर ऑल आउट हो गई।  धोनी ने खेली तूफानी पारी, लेकिन इस भारतीय खिलाड़ी ने फेरा धोनी के एक और कप जीतने के सपने पर पानी

विजय हजारे ट्रॉफी: धोनी ना कर सके कोई बड़ा कमाल, लेकिन इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने दिखाया अपनी प्रतिभा का जौहर 1

झारखंड की तरफ से धौनी के अलावा ईशान जग्गी ने 59 और सौरव तिवारी ने 48 रनों का योगदान दिया।

बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी झारखंड को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और टीम ने 153 के कुल स्कोर तक प्रत्युष सिंह (11), विराट सिंह (24), कुमार देबब्रत (37) और सौरव के रूप में चार अहम विकेट खो दिए थे।

यहां से धौनी ने युवा बल्लेबाज जग्गी के साथ पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी की। 62 गेंदों में चार छक्के और दो चौके मारने वाले धौनी ओझा की गेंद पर 250 के कुल स्कोर क्लीन बोल्ड हो गए। आठ रन बाद जग्गी भी पवेलियन लौट गए।  विराट कोहली के जल्दी स्वस्थ होने के लिए उनके कोच राजकुमार शर्मा ने की मंदिर में प्रार्थना

यहां से झारखंड की जीत की उम्मीदें खत्म हो गई थी। बंगाल ने अंत में झारखंड के बल्लेबाजों को रन नहीं बनाने दिए और फाइनल का टिकट कटाया। ओझा ने शाहबाज नदीम (8) को मैच की अंतिम गेंद पर आउट कर झारखंड को ऑल आउट किया।

इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी बंगाल की टीम को गोस्वामी और ईश्वरन ने मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 198 रनों की विशाल साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने प्रति गेंद रन बनाने की रणनीति अपनाई और कामयाब भी रहे।

ईश्वरन को शुरुआत में एक जीवनदान मिला जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। बिना किसी जोखिम से इन दोनों बल्लेबाजों ने झारखंड को विकेट के लिए तरसाया। शतक पूरा करने के बाद गोस्वामी मोनू कुमार की गेंद को पुल करने के चक्कर में देबब्रत को कैच दे बैठे। गोस्वामी ने 99 गेंदों में 11 चौके और सिर्फ एक छक्का लगाया। #WTF बाबा गुरमीत राम रहीम ने किया बड़ा दावा कहा उन्होंने कोहली को दोहरा शतक बनाना सीखाया

उनके जाने के बाद ईश्वरन ने चौका मारकर अपना शतक पूरा किया लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर टिक नहीं पाए। मनोज और उनके बीच रन लेने को लेकर गलतफहमी हुई और प्रत्यूष ने उन्हें रन आउट करने में कोई गलती नहीं की।

झारखंड की मुश्किलें इन दोनों के जाने के बाद कम नहीं हुईं। बंगाल के कप्तान ने तेजी से रन बटोरे। इसमें उन्हें अगनिव पन (17) और सुदीप चटर्जी (19) का अच्छा साथ मिला। अंत के 10 ओवरों में बंगाल ने तकरीबन 100 रन जोड़े।

फाइनल में बंगाल का सामना सोमवार को इसी मैदान पर तमिलनाडु से होगा।

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