राजस्थान क्रिकेट टीम की दीवार विनीत सक्सेना ने क्रिकेट से कहा अलविदा

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घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले इस दिग्गज ने क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा ‘देश के नहीं खेल पाने का रहेगा मलाल’ 

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले इस दिग्गज ने क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा ‘देश के नहीं खेल पाने का रहेगा मलाल’

राजस्थान क्रिकेट टीम के शानदार बल्लेबाज विनीत सक्सेना ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है. राजस्थान अब तक दो बार रणजी ट्रॉफी में चैंपियन बना है और दोनों बार इस खिलाड़ी ने अहम भूमिका निभाई है. इसके अलावा राजस्थान की बहुत सी जीत में विनीत सक्सेना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

लम्बे समय से राजस्थान टीम की बल्लेबाजी के स्तम्भ थे विनीत सक्सेना

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले इस दिग्गज ने क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा 'देश के नहीं खेल पाने का रहेगा मलाल' 1

20 साल तक घरेलु क्रिकेट खेलने के बाद विनीत ने अब क्रिकेट को बाय-बाय कर दिया है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है. विनीत सक्सेना लम्बे समय तक राजस्थान क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी के मुख्य स्तम्भ रहे हैं. 129 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले विनीत को जितना अनुभव है उससे यह साफ है कि वे भविष्य में राजस्थान के युवा क्रिकेटर्स के लिए किसी एसेट से कम नहीं होंगे.

इंडिया के लिए ना खेल पाने का है गम 

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सन्यास का ऐलान करते समय विनीत सक्सेना ने कहा, “मैंने इंडिया अंडर-19 के लिए खेला है, लेकिन मुझे गम यह है कि मैं इतना शानदार क्रिकेट खेलने के बाद भी  पहुंचने के बाद भी सीनियर इंडिया टीम में नहीं खेल सका. राजस्थान जब दो बार चैंपियन बनी थी उन दोनों सीजन में मेरे करीब 1400 रन थे. राजस्थान से जो प्रोफेशनल खेल रहे थे उनसे भी ज्यादा रन थे. उस समय मुझे उम्मीद जगी थी कि इंडिया टीम में आ सकता हूं. लेकिन हर किसी के नसीब में इंडिया खेलना नहीं होता.”

माता पिता का त्याग भी कम नहीं

विनीत सक्सेना ने आगे कहा कि, “मैं अपने इतने लम्बे करियर के लिए दिनेश जैमन सर और अपने माता-पिता का शुक्रगुजार हूं. जैमन सर ने मुझे मेरे शुरुआती दिनों से सपोर्ट किया. मेरे क्रिकेट करियर में माता-पिता का त्याग भी कुछ कम नहीं है. ऋषिकेश कानितकर और मेरे मौसा सुबोध सक्सेना की समय-समय पर जो टिप्स मुझे मिलीं, उसी से मेरा करियर इतना लम्बा चला.”

विनीत सक्सेना का क्रिकेट करियर

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विनीत सक्सेना ने राजस्थान, रेलवे और उत्तराखंड की तरफ से कुल मिलाकर 129 प्रथम श्रेणी मैच खेले जिसमें 36.89 की औसत से 7637 रन बनाए. इसमें एक दोहरा शतक, 17 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं. उनका उच्चतम स्कोर 257 रन है जो उन्होंने 2011-12 के सत्र में तमिलनाडु के खिलाफ रणजी फाइनल में बनाया था. उनकी इस पारी से राजस्थान ने लगातार दूसरे साल रणजी खिताब जीता था. रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 7225 रन बनाए हैं. वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 7 हजार से अधिक रन बनाने वाले 21 बल्लेबाजों में शामिल हैं.

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