भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने खुद दिया संकेत अब भारतीय टीम में होंगे 2 कप्तान! 1

विश्व क्रिकेट में ऐसी कई टीमें हैं जो अलग-अलग कप्तानों के साथ खेल रही हैं। कुछ टीमों के पास अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान का एक ट्रेंड चल रहा है। इसी बीच पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट में भी अलग-अलग कप्तानों की काफी चर्चा हो रही है। जिसमें विराट कोहली को किसी एक फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ देते की बात होती रहती है।

विराट कोहली ने दिया अलग-अलग कप्तान का संकेत

भले ही अलग-अलग फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तान होने को लेकर विराट कोहली ने अपनी तरफ से तो अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। लेकिन पिछले कुछ समय से चल रहे कोरोना महामारी में जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई है उससे अलग-अलग कप्तान की बात होने लगी हैं।

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने खुद दिया संकेत अब भारतीय टीम में होंगे 2 कप्तान! 2

विराट कोहली की कप्तानी में भारत की टीम इंग्लैंड का दौरा कर रही है, तो वहीं इसी दौरान भारत की एक और टीम श्रीलंका दौरे पर जाएगी। यानी भारत की टीम में उस दौरे पर अलग कप्तान होगा। इसी बीच विराट कोहली ने संकेत दिया है कि अलग-अलग कप्तान अब होने लगेंगे।

मानसिक थकान से खिलाड़ियों को होती है मुश्किल

इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टीम बुधवार को रवाना हुई। उससे पहले विराट कोहली ने इस बात को माना। कोहली का मानना है कि क्रिकेटर्स को कोरोना काल में बायो बबल की थकान के कारण आने वाले समय में 2 अलग-अलग भारतीय टीम अलग-अलग दौरा करेगी।

वाशिंगटन सुंदर

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात की। जिसमें विराट कोहली ने कहा कि

“मौजूदा ढांचे और लंबे समय से जिस तरह के ढांचे में हम खेल रहे हैं, उसमें खिलाड़ियों का जोश बनाये रखना और मानसिक ठहराव को पाना मुश्किल है।”

भविष्य में दो टीमें खेलेंगे अलग-अलग जगह

विराट कोहली ने आगे कहा कि

“आप एक ही इलाके में कैद रहते हैं और रोज एक सी दिनचर्या रहती है। ऐसे में भविष्य में दो टीमों का एक समय पर अलग अलग जगहों पर खेलना आम बात होगी । अगर दो अलग-अलग टीमें खेलेंगी तो मतलब टीम इंडिया के दो कप्तान भी होंगे। देखना ये है कि श्रीलंका दौरे के बाद कब टीम इंडिया की दो टीमें अलग-अलग जगहों पर खेल रही होंगी।”

Virat Kohli

विराट कोहली ने आगे कहा कि

“कार्यभार के अलावा मानसिक स्वास्थ्य का पहलू भी अहम है। आज के दौर में जब आप मैदान पर जाते हैं और कमरे में लौटते हैं तो आपके पास ऐसी कोई जगह नहीं होती कि आप खेल से अलग हो सकें। आप वॉक पर या खाने या कॉफी के लिये बाहर जा सकें और कह सकें कि मैं तरोताजा हो सकूं।”

“ये बड़ा पहलू है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।  हमने ये टीम बनाने में काफी मेहनत की है और हम नहीं चाहते कि मानसिक दबाव के कारण खिलाड़ियों पर असर पड़े । हमेशा एक ऐसा माध्यम होना चाहिये, जिसके तहत खिलाड़ी मैनेजमेंट से कह सकें कि उन्हें ब्रेक की जरूरत है ।ये बड़ा पहलू है और मुझे यकीन है कि मैनेजमेंट इसे समझता है।”

रवि शास्त्री ने कहा, बायो बबल में खेलना नहीं है मजाक

बायो बबल में रहकर खेलने को लेकर भारत के कोच रवि शास्त्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, रवि शास्त्री ने कहा कि

“मौजूदा शेड्यूल और क्वारेंटाइन ने खिलाड़ियों का काम मुश्किल कर दिया है। बात सिर्फ विश्व चैम्पियनशिप की नहीं है बल्कि छह सप्ताह में इस माहौल में पांच टेस्ट खेलने है जो मजाक नहीं है।  सबसे फिट खिलाड़ियों को भी ब्रेक की जरूरत होगी ।मानसिक पहलू को अनदेखा नहीं कर सकते।”

रवि शास्त्री