विराट कोहली

भारतीय क्रिकेट में फिटनेस के स्तर को एक नए आयाम पर पहुंचाने वाले कप्तान विराट कोहली तमाम एथलीट्स के लिए फिटनेस आईकन हैं। भारतीय टीम में यो यो टेस्ट लाने वाले कप्तान भी विराट ही हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फिट इंडिया डायलॉग में कैप्टन कोहली से फिटनेस व डेली रुटीन के बारे में बातचीत की।

फिटनेस सेशन मिस हो जाए तो लगता है बुरा

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपनी फिटनेस को दिया है। वह एक फिटनेस फ्रीक हैं और काफी अधिक समय जिम में भी बिताते हैं। साथ ही उनका डेली रुटीन भी काफी कंट्रोल्ड है। फिट इंडिया डायलॉग में पीएम मोदी ने फिटनेस रूटीन के बारे में पूछा तो विराट ने कहा,

‘मुझे एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जिस पीढ़ी में हम खेलना शुरू किए, उस दौर में फिटनेस को लेकर काफी चीजें बदलीं। हमें खुद से महसूस होना चाहिए कि क्या बदलना है। पहले खेल को अच्छा करने के लिए फिटनेस सेशन शुरू किए लेकिन अब प्रैक्टिस मिस हो जाए, बुरा नहीं लगता लेकिन फिटनेस सेशन मिस हो जाए तो बहुत बुरा लगता है।’

फिटनेस किंग कैप्टन कोहली से पीएम मोदी ने की बातचीत, पूछा छोले-भटूरे को नहीं करते मिस 1

छोटे-भटूरे छोड़ने के लिए पीएम ने ली विराट की चुटकी

विराट कोहली एक पंजाबी परिवार से हैं, लेकिन उन्होंने अपनी फिटनेस के लिए नॉनवेज तो छोड़ा ही है, साथ ही वह अब खिलाड़ियों वाली शुद्ध शाकाहारी भोजन खाते हैं। इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए विराट से पूछा कि छोले-भटूरे ना खाना दुखता होगा। इसपर विराट ने जवाब देते हुए कहा,

‘मैंने अपनी नानी को देखा जो घर का खाना खाती थीं और स्वस्थ रहती थीं। इसके लिए पहले मैं जब प्रैक्टिस करता था, बाहर का काफी खाना खाता था। अब लेकिन काफी चीजें बदली हैं। मुझे बाद में लगा कि फिटनेस को लेकर काम करने की जरूरत है क्योंकि अगर आप फिट नहीं होंगे तो काफी कुछ चीजें नहीं कर पाएंगे।’

यो-यो टेस्ट पर विराट ने कही ये बात

विराट कोहली

भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की फिटनेस परीक्षण के लिए यो-यो टेस्ट कराया जाता है। जिसमें पास होने के बाद ही खिलाड़ियों को टीम में सिलेक्ट किया जाता है। इस टेस्ट को विराट कोहली ने ही अपनी कप्तानी में 2017 में टीम में इंट्रोड्यूज किया था। पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान विराट ने यो यो टेस्ट के बारे में बात करते हुए कहा,

‘वह एक फिटनेस लेवल का टेस्ट होता है। मैं सबसे पहले मैं ही भागता हूं और यह तय है कि अगर उस टेस्ट में मैं भी फेल हो जाउंगा तो टीम से बाहर होना पड़ेगा। एक टेस्ट गेंदबाज के लिए फिट रहना काफी जरूरी होता है। पहले हमारी फिटनेस अच्छी नहीं थी लेकिन आज की डेट में हमारी टीम काफी फिट है।’