अगर मिला अंतिम एकादश में मौका तो उसका पूरा फायदा उठाऊंगा: पवन नेगी

जिस टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को 140 सालो के इतिहास में क्लीन स्वीप की हो, उस टीम में अगले सीरीज के लिए बदलाव होगा, और उस खिलाड़ी को बाहर कर आराम दिया जायेगा, जिसने पुरे सीरीज में उम्दा प्रदर्शन कर टीम की हौसलाअफजाई किया हो, ऐसी किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन ऐसा हुआ, भारतीय चयनकर्ताओ ने ऐसा ही किया और भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से बाहर कर दिया है, भारत श्रीलंका के खिलाफ 3 मैचो की टी-20 सीरीज खेलने वाला है.

हालाँकि कोहली के टीम से बाहर कर आराम देने के पीछे चयनकर्ताओ का फैसला भी सही है, क्यूंकि मार्च में भारत में टी-20 विश्वकप होने वाला है,ऐसे में श्रीलंका दौरा उससे महत्वपूर्ण नहीं है, और इसी वजह से चयनकर्ताओ ने विराट को बैठा कर पवन नेगी को टीम में जगह दी है.

नेगी ने चयनकर्ताओ के इस फैसले पर कहा, कि-

“मैं नहीं कहूंगा कि मैं भौचक्का था क्योंकि मैं सीमित ओवरों की क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहा था. लेकिन यह कहना गलत होगा कि मैं हैरान नहीं था क्योंकि मुझे उस टीम में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी जिसने टी20 श्रृंखला 3-0 से जीती थी. अब मैं टीम में हूं और यदि मुझे खेलने का मौका मिलता है तो मैं इस अवसर का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करूंगा. ’’

जब नेगी से पूछा गया कि उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट क्या रहा? तो, उन्होंने कहा, ‘‘ कोलकाता नाइटराडर्स के खिलाफ 2014 चैंपियन्स लीग टी20 का फाइनल जिसमें मैंने पांच विकेट लिये थे. जिस मैच में सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर खेल रहे हों उसमें मैन आफ द मैच हासिल करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा कि मैं भारत की तरफ खेल सकता हूं. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘महेंद्र सिंह धोनी ने मेरा जो समर्थन किया उसे नहीं भूल सकता हूं. एक बार उन्होंने मुझसे कहा था कि इस स्तर पर मुख्य मानदंड लगातार अच्छे प्रदर्शन करने की काबिलियत है. “

वास्तव में  अभीकुछ महीने पहले जब धोनी नेशनल स्टेडियम में अभ्यास करना चाहते थे, तो उन्होंने नेगी को बुलाया था.

 

हालाँकि जब नेगी से यह कहा, गया कि आपको टीम में जगह तभी मिलेगी जब रविंद्र जडेजा को विश्राम दिया जाये, या फिर वो चोटिल हो, इस पर नेगी ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि मुझसे क्या उम्मीद की जा रही है. मेरा काम पूरी तरह से तैयार रहना और ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना है, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में इतने अधिक दिग्गज खिलाड़ी रहेंगे. धोनी, सुरेश रैना, ब्रैंडन मैकुलम के साथ चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से खेलने के बाद क्रिकेटर के रूप में मेरा नजरिया बदला है. ’’

नेगी अब भी खुद को बायें हाथ का विशेषज्ञ स्पिनर कहलाना पसंद करते हैं, जिसे छक्के जड़ना पसंद है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब भी पहले बायें हाथ का स्पिनर हूं. विकेट हासिल करना मेरी पहली प्राथमिकता है और इसलिए मुझे अंतिम एकादश में चुना जा रहा है. लेकिन आजकल केवल गेंदबाजी ही एकमात्र मानक नहीं है और इसलिए मैंने अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना शुरू किया. ’’

नेगी ने कहा, ‘‘नेट्स पर बल्लेबाजी का मेरा तरीका सरल है. मैं हमेशा अपने कोचों को मैच स्थिति देने के लिये कहता है. मैं काल्पनिक लक्ष्य जैसे 24 गेंदों पर 40 रन या 18 गेंदों पर 33 रन का लक्ष्य तय करता हूं और फिर फैसला करता हूं कि मुझे कितने छक्के जड़ने हैं. मैं क्षेत्ररक्षण की संभावित सजावट के बारे में भी सोचता हूं. अभ्यास का यह तरीका मैच के दौरान काम आता है. ’’

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