विराट कोहली ने मात्र 9 साल में रच डाला वो इतिहास जो सचिन, धोनी अपने पुरे करियर में ना कर सके 1

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली  ने पिछले कुछ सालों से अपनी बल्लेबाजी से बहुत कुछ हासिल किया है। अपनी बेजोड़ बल्लेबाजी से कोहली ने एक के बाद एक नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए है और अपने इसी रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के दम पर विराट कोहली फिलहाल विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में से एक है।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में बैंगलुरू में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को शानदार अंदाज में हराने के बाद कोहली को एक और खुश होने का मौका मिला है। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को बुधवार को बीसीसीआई के वार्षिक पुरस्कार समारोह में पॉली उमरीगर पुरस्कार से नवाजा गया है।स्टीव स्मिथ और विराट कोहली के बीच खड़े हुए बड़े विवाद पर आईसीसी ने लिया चौकाने वाला फैसला

कोहली ने पॉली उमरीगर पुरस्कार मिलने के बाद बताया कि वो हमेशा विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजो में से एक बनना चाहते थे। 28 साल के भारतीय कप्तान विराट कोहली इस पुरस्कार के साथ ही तीन बार पॉली उमरीगर पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए है। कोहली के लिए पिछले 12 महीने उनके अब तक के करियर में सबसे यादगार अवधि में से एक रहे है। कोहली को इससे पहले 2011-12 और 2014-15 के सत्र में भी पॉली उमरीगर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

विराट कोहली  ने इस पुरस्कार से नवाजे जाने के बाद कहा कि, “मैं हमेशा विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजो में से एक बनना चाहता था। इसिलिए मुझे समझ में आया कि इसके लिए मुझे मेरी फॉर्म को क्रिकेट के तीनों प्रारूप में बरकरार रखनी होगी। जब मुझे टीम की कप्तानी संभालने का मौका मिला वो मौका नहीं होकर मेरे लिए एक जिम्मेदारी है।”

कोहली ने आगे कहा कि “मुझे सही चीजे करने की जरूरत है और  मेरी जिम्मेदारी है कि मै इसका एक उदाहरण पेश कर सकूं, जिसका पूरी टीम अनुसरण करे।”विराट कोहली के विवादास्पद विकेट के बाद भारतीय टीम के बैटिंग सलाहकार संजय बांगड़ ने बताया कोहली के विकेट को निराशाजनक

विराट कोहली ने साथ ही कहा कि,  “मेरे लिए पिछले 10 से 12 महीने अविश्वसनिय साबित हुए है। एक क्रिकेटर होने को नाते आपको हमेशा ऐसे किसी जबरदस्त साल की जरूरत पड़ती है, जब आपके लिए सबकुछ बदल जाए और 2015 शुरू होने के बाद से लगातार 2016 के अंत तक मेरे करियर का सबसे यादगार समय रहा है।”

“पूरी टीम के सहयोग और प्रदर्शन के दम पर हम विश्व की नंबर वन टीम बने और यह मुकाम टीम के साथी खिलाड़ियों के सहयोग के बिना कभी भी तरह संभव नही हो सकता था। जब हमारा खराब समय होता है तो कोई न कोई एक खिलाड़ी टीम को उठाने की जिम्मेदारी ले लेता है और यही कारण है कि हमारी टीम नंबर वन और चैंपियन है।” विराट कोहली के द्वारा ऑस्ट्रेलिया की टीम पर लगाए गए आरोपों के बाद डेरेन लेहमन ने दिया बड़ा बयान