विराट कोहली

भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ जिस अंदाज में टेस्ट सीरीज हराना पड़ा है. वो सभी फैन्स अब पचा नहीं पा रहे हैं. लेकिन ऐसा दौरा भारतीय टीम का न्यूजीलैंड में पहली बार नहीं हुआ है. विराट कोहली के टीम की इस हार को देखकर 2002 के सौरव गांगुली के कप्तानी में न्यूजीलैंड दौरे की याद आ गयी. उस समय और आज के समय में कोई खास फर्क नजर नहीं आ रहा है.

विराट कोहली के पहले सौरव गांगुली को मिली थी ऐसी हार

विराट कोहली की टीम को मिली हार ने याद दिलाया न्यूजीलैंड का 2002 का दौरा 1

क्राइस्टचर्च के टेस्ट मैच में जब भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा तो उसके बाद सोशल मीडिया पर टीम की जमकर आलोचना हो रही है. फैन्स को ऐसा लग रहा है की इस तरह की हार न्यूजीलैंड में भारतीय टीम को पहली बार देखने को मिली हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. 2002 में जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गयी थी.

उस समय भी 2 मैच के सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था. जहाँ पर भारतीय टीम को पहले मैच में 10 विकेट से और दूसरे मैच में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. नतीजा इस बार भी कुछ ऐसा ही रहा है, लेकिन इस समय भारतीय टीम को दूसरे मैच में 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है.

दोनों बार नहीं चला था कप्तान का बल्ला

विराट कोहली की टीम को मिली हार ने याद दिलाया न्यूजीलैंड का 2002 का दौरा 2

इस सीरीज में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली का बल्ला नहीं चला तो उनकी आलोचना हो रही है लेकिन 2002 के समय में भी सौरव गांगुली ने अपने 4 पारियों में मात्र 7 के औसत से ही रन बनाये थे. जबकि विराट कोहली का औसत इस बीच 9.5 का रहा है. इस बार न्यूजीलैंड के लिए सर्वश्रेष्ठ स्कोर केन विलियमसन द्वारा बनाया गया 89 रन रहा है.

जबकि उस समय भी मार्क रिचर्डसन ने भी 89 रन ही बनाए थे. रन बनाने में भारतीय टीम का औसत उस समय 13.37 का रहा था. जबकि इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजो ने 18.05 के औसत से रन बनाये हैं. जो साफ़ करता है कि दोनों सीरीज का अंत लगभग एक जैसा ही रहा है.

स्विंग के खिलाफ जूझती है भारतीय टीम

विराट कोहली

आज के समय बहुत ज्यादा आगे बढ़ चुकी भारतीय टीम का स्विंग के खिलाफ बहुत शर्मनाक रिकॉर्ड रहा है. मौजूदा समय के बल्लेबाज को भी नहीं पता है की स्विंग के खिलाफ किस अंदाज में बल्लेबाजी करनी है. जिसके कारण ऐसा मालूम होता है की आज भी भारतीय टीम स्विंग से निपटने का तरीका नहीं ला पाई है. जो उसके सेना देशो में हार का सबसे बड़ा कारण भी रहा है.