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सचिन तेंदुलकर से तुलना पर एक बार फिर भड़के विराट कोहली 

सचिन तेंदुलकर से तुलना पर एक बार फिर भड़के विराट कोहली

आज शायद ही कोई ऐसी उपलब्धी हो, जो विराट कोहली हासिल ना कर पाए हो. विराट कोहली आठ सालों में विराट ने वो कर दिखाया, जो करना किसी के लिए भी बड़ी बात होती हैं.

दुनिया की हर बड़ी टीम के खिलाफ शतक, देश ही नहीं विदेश में भी विराट कोहली ने अपने बल्ले का बहुत जलवा बिखरे हैं. क्रिकेट के कई महान दिग्गजों तो विराट कोहली की तुलना क्रिकेट के भगवान और पूर्व महान भारतीय बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के साथ समय समय पर करते रहते हैं. टेस्ट क्रिकेट के इस रिकॉर्ड के मामले में सचिन तेंदुलकर से आगे निकले स्टीव स्मिथ

तुलना कहीं हद तक जायज भी हैं. विराट कोहली भी ठीक वैसे ही खेलते हैं, जैसा की सचिन तेंदुलकर खेला करते थे. यही नहीं विराट कोहली में भी रन के प्रति ठीक वैसी ही भूख दिखाई देती हैं, जैसी कि सचिन तेंदुलकर के अन्दर देखने को मिलती थी.

क्रिकेट के गलियों में तो यहाँ तक कहा जाता हैं, कि विराट कोहली ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो सचिन तेंदुलकर के सभी रिकार्ड्स को तोड़ सकते हैं. इंग्लैंड के खिलाफ पुणे वनडे में भी कोहली ने सचिन के एक नहीं, बल्कि दो दो बड़े रिकार्ड्स को तोड़ दिया. पहले तो सबसे कम समय में 27 शतक बनाये और उसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए 17 शतक बना डाले. सचिन से लगातार हो रही तुलना को देखते हुए कोहली ने अपने एक इंटरव्यू में कहा, कि

”मुझे सचिन पाजी के साथ मेरी तुलना बिलकुल भी पसंद नहीं हैं. सचिन पाजी के जैसा कोई नहीं हो सकता. सचिन पाजी ने देश के लिए जितने समय तक क्रिकेट खेली, मैं शायद खेल भी ना पाऊं.”

विराट कोहली के अनुसार-

”मेरी कामयाबी का सबसे बड़ा राज़ यह हैं, कि मेरे जीवन में ज्यादा लोग नहीं हैं. जिस कारण मेरा ध्यान भंग नहीं होता. अगर आपकी जिंदगी में ज्यादा लोग होते हैं, तो आपका ध्यान खेल और निजी जिंदगी से भटक जाता हैं.” 17 साल के इस युवा बल्लेबाज़ ने रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर के साथ इस अनूठी लिस्ट में हुआ शामिल

यह बात भी किसी से छुपी नहीं हैं, कि विराट कोहली महेंद्र सिंह धोनी और सचिन तेंदुलकर के जितने करीबी हैं. उतने करीब कोहली के अन्य कोई नहीं हैं.

विराट कोहली का मानना हैं, कि

”सचिन पाजी ने 24 वर्षों तक देश की सेवा की. 200 टेस्ट और 100 अंतर्राष्ट्रीय शतक ये वाकई में बहुत बड़ी संख्या हैं. मैं शायद कभी भी इतने मैच देश के लिए ना खेल सकूं, लेकिन हाँ ! मैं इसमें अंतर पैदा करना चाहता हूँ. मैं हमेशा मानता हूँ, कि मुझे खेल को बेहतर तरीके से छोड़ना हैं. मेरा ऐसा मानना हैं, कि बतौर खिलाड़ी हम अपने आप को सीमित कर देते हैं, जबकि हमे नहीं पता होता, कि हम कितना कुछ कर सकते हैं. यहाँ तक की जब समय प्रबंधन में मैं जब थक जाता हूँ, तब चीजों को कम करना शुरू कर देता हूँ.” कैफ बने ट्विटर ट्रोलिंग के अगले शिकार

विराट कोहली ने अंत में कहा, कि

”आपको एक समय संतुलन बनाना होता हैं और आगे बढ़ना होता हैं. मेरे जीवन में अब तक यह सही चल रहा हैं. यही नहीं मैं कह सकता हूँ, कि मैं संतुलन बनाये हुए हूँ.”

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