वीरेंद्र सहवाग ने बताया टेस्ट, वनडे या टी20 किस फॉर्मेट को देना चाहिए सबसे ज्यादा महत्व 1

Virender Sehwag: हाल ही में टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के चलते कई फैंस टी20 क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए आवाज उठाते रहे है. ऐसे में भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग ने आज टेस्ट क्रिकेट को लेकर बड़ी राय रखी है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी अक्सर चर्चा में बने रहते हैं.

अपने बयानों के चलते चर्चा में बने रहने वाले सहवाग ने क्रिकेट के तीनो प्रारूपों की लोकप्रियता और महत्व को बताते हुए बड़ा बयान दिया है.

टी20 फॉर्मेट पर दिया बड़ा बयान

virender sehwag

पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट पर बात करते हुए बड़ी प्रतिक्रिया दी है. सहवाग के अनुसार टी20 फॉर्मेट कभी भी क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद नहीं कर सकता है. क्रिकेट के लिए वनडे और टेस्ट फॉर्मेट  बेहद ही जरूरी है. उन्होंने इस बात पर आईसीसी को लेकर तर्क दिया है की आईसीसी इस बात को सुनिश्चित करता है कि हर देश टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेले. उन्होंने कहा,

“टी20 आगे बढ़ने का रास्ता नहीं है. टेस्ट और वनडे बने रहेंगे क्योंकि आईसीसी सुनिश्चित करता है कि देश उन्हें खेलें ताकि वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे विश्व कप का आयोजन कर सकें. टेस्ट क्रिकेट और वनडे इसका हिस्सा है कि खेल कैसे आगे बढ़ता है.”

पिछले कुछ समय से T20 क्रिकेट पर दिया जा रहा है ज़ोर

वीरेंद्र सहवाग ने बताया टेस्ट, वनडे या टी20 किस फॉर्मेट को देना चाहिए सबसे ज्यादा महत्व 2

टी20 क्रिकेट के विस्तार ने टेस्ट और वनडे को बैकफुट पर धकेल दिया है. कैश-रिच इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया का सबसे सफल लीग में से एक बन गई है. जिसके चलते अन्य देशों ने भी इसके वित्तीय लाभों को देखते हुए अपने यहां फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट शुरू किए हैं.  टी20 लीग की बढती लोकप्रियता के साथ ही कई देशों के खिलाड़ी अपने देश को प्रथमिकता ना देते हुए फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलते हुए नज़र आते है जैसे वेस्टइंडीज़ क्रिकेट खिलाड़ी.

फ्रेंचाइजी क्रिकेट के चलते साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज को मना करते हुए अपने घरेलू टी20 टूर्नामेंट खेलने का फैसला लिया है. इंटरनेशनल क्रिकेट में पड़ रहे इतने बड़े असर के साथ ही खिलाड़ियों के चोटिल होने की भी संख्या बढ़ गयी है. ऐसे में अगर वीरेंद्र सहवाग के बयान पर गौर किया जाए तो वो इस मामले में सही नजर आ रहे हैं.