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वीरेंद्र सहवाग के ट्विट पर नेत्रहीन टीम के कप्तान ने उठाए सवाल 

वीरेंद्र सहवाग के ट्विट पर नेत्रहीन टीम के कप्तान ने उठाए सवाल

नेत्रहीन टी ट्वेंटी विश्वकप के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 9 विकेट से हराकर टी ट्वेंटी विश्वकप जीता. 198 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सिर्फ 1 विकेट गवांया और विश्वकप जीता. कप्तान अजय कुमार रेड्डी ने पहले विकेट के लिए प्रकाश के साथ 110 रनों की साझेदारी की और भारत की जीत की नीव रखी.

भारत को इस विश्वकप में सिर्फ एक ही मैच में हार मिली थी, वो भी ग्रुप दौर में पाकिस्तान के खिलाफ, लेकिन पाकिस्तान को ही हराकर भारत ने ये विश्वकप जीता. भारत के कप्तान अजय कुमार रेड्डी ने कहा, कि “मुझे विश्वास था, कि हमारी टीम जरूर जितेगी. हमने 2012 में भी विश्वकप जीता था, जिससे हमारा आत्मविश्वास ज्यादा था. ग्रुप दौर में हार से हमे सीख मिली और हमने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की.” GYM में अपनी पड़ोसी पार्टनर को दिल दे बैठे था यह भारतीय क्रिकेटर

अजय ने फाइनल में 43 रन बनाए और उन्होंने कहा, कि “टीम की कप्तानी करते हुए काफी मजा आया, लेकिन मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है. इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद हमारे टीम के कई खिलाड़ीयों को अभी तक कोई काम नहीं मिला हैं. मुझे उम्मीद है, कि बीसीसीआई और सरकार कुछ कदम उठाए और हमे कुछ काम दे जिससे हमे जिंदगी में आगे फायदा हो.”

वीरेंद्र सहवाग ने किए गये ट्विट को लेकर काफी विवाद हुआ हैं. वीरेंद्र सहवाग ने ट्विट करते हुए लिखा, कि “हमारी दूसरी मैन इन ब्ल्यू को बधाई हो जिन्होंने ये विश्वकप जीता.” विडियो : OMG! सचिन को शेर जबकि कोहली को लोमड़ी कह गए नजफगढ़ के नवाब

इस पर अजय रेड्डी ने जवाब देते हुए कहा, कि “हम उसी जर्सी से खेलते हैं, देश के लिए खेलते हैं, उसी जज्बे से खेलते हैं, तो हमे दूसरे मैन इन ब्ल्यू क्यों कहा गया? उन्होंने हमे बधाई दी, लेकिन दूसरे मैन इन ब्ल्यू कहने की कोई जरूरत नहीं थी हम एक ही मैन इन ब्ल्यू हैं.” विराट कोहली की फॉर्म उन्हें और बेहतर कप्तान बनाएगी : मोहम्मद अज़हरुद्दीन

फाइनल में प्रकाश ने 99 रनों की पारी खेली और उसपर प्रकाश ने कहा, कि

“जब पाकिस्तान की टीम सामने होती हैं तब मैं हमेशा ज्यादा स्कोर बनाने की सोचता हूं. ये एक बड़ा मंच था और शतक बनाने से चुकने से मैं दुखी नहीं हू, क्योंकी टीम की जीत ज्यादा जरुरी थी.”

प्रकाश ने आगें कहा, कि “2010 में मैं भारत के लिए खेला और उसके बाद से मैं हमेशा सामने ही शॉट लगाता हू और मेरा ये पसंदीदा शॉट हैं. मैं हमेशा मैच के हालात देखकर शॉट खेलता हूं. ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी पारी थी और अब मै अगले टुर्नामेंट की तैयारी करूंगा.”

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