इमरान खान और मिस्बाह-उल-हक की तुलना पर वसीम अकरम ने तोड़ी अपनी चुप्पी, दिया बड़ा बयान 1

पाकिस्तान क्रिकेट के महान कप्तानों की बात की जाए तो इमरान खान का नाम सबसे पहले आता है। पाकिस्तान के महान ऑलराउंडर इमरान खान ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को अपनी कप्तानी में 1992 में ऑस्ट्रेलिया में हुए विश्वकप का खिताब दिलाया था। इसी तरह इमरान खान ने अपीन कप्तानी में पाकिस्तानी टीम को और भी कई सफलताएं दिलाई हैं। इमरान खान के अलावा पाकिस्तानी टीम के कप्तान में मिस्बाह-उल-हक का नाम भी बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है। मिस्बाह पिछले कुछ सालों से पाकिस्तानी टीम की कप्तानी करते हुए पाकिस्तान को कई उपलब्धियां हासिल करवायी है।

मिस्बाह और इमरान की तुलना पर बोले वसीम अकरम

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और कप्तान वसीम अकरम पाकिस्तान के महान खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। वसीम अकरम ने पाकिस्तान की टीम में इमरान खान की कप्तानी में कई मैच खेले। वसीम अकरम ने जीयो टीवी से बात करते हुए इमरान खान और वर्तमान कप्तान मिस्बाह-उल-हक की कप्तानी को लेकर तुलना पर अपनी प्रतिक्रिया दी।पाकिस्तान के इस युवा गेंदबाज़ ने तोड़ा वसीम अकरम का 29 साल पुराना रिकॉर्ड

मिस्बाह-इमरान में नहीं हो सकती कोई तुलना

पाकिस्तान क्रिकेट के लीजेंडरी क्रिकेटर वसीम अकरम ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल जीयों टीवी से खास बातचीत की। इस दौरान वसीम से इमरान और मिस्बाह की तुलना को लेकर सवाल पूछा गया जिसको लेकर वसीम अकरम ने कहा किइमरान मेरे मेंटर रहे हैं। यहां मिस्बाह और इमरान के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती।”

पीसीबी चैयरमेन ने मिस्बाह को बताया था इमरान से बेहतर कप्तान

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चैयरमेन शहरयार खान ने आखिरी हफ्ते एक कार्यक्रम में मिस्बाह उल हक को इमरान खान से बेहतर कप्तान करार दिया था। इसी को लेकर वसीम अकरम से इ दोनों कप्तानों की तुलना को लेकर सवाल किया गया था।वसीम अकरम को सजा होती, तो अब तक पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग ख़त्म हो जाती : अब्दुल कादिर

अपने बेटे को करता हूं पूरा सहयोग

साथ ही इस खास शो में वसीम अकरम से उनकी ऑस्ट्रेलियाई पत्नी और दो बच्चों के बारे में सवाल किया गया जो इस समय पाकिस्तानी संस्कृति को सीख रहे हैं। और उनका बेटा अमेरिका की रग्बी टीम में खेलना चाहता है। इसको लेकर वसीम ने कहा कि मैं अपने बेटे का पूरा सहयोग करता हूं मैं अपने बेटे को कहता हूं कि बिना कड़ी मेहनत के कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता।